खेलकूद प्रतियोगिताओं से लेकर नुक्कड़ नाटक तक दिखा बच्चों का हुनर, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बरेली । छावनी परिषद, बरेली की ओर से संचालित ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान का शुक्रवार को उत्साह, उमंग और गरिमामय वातावरण में भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समापन समारोह में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और जनभागीदारी का शानदार संगम देखने को मिला। अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

खेलकूद प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया दमखम
‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें 100 मीटर दौड़, 200 मीटर दौड़ और रिले रेस प्रमुख रहीं। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया और अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन, मेहनत तथा टीम भावना का परिचय दिया।
प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि डॉ. तनु जैन ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि खेल बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित करते हैं।
‘कबाड़ से जुगाड़’ ने दिखाई बच्चों की अनोखी रचनात्मकता
समारोह में आयोजित ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ यानी ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रतियोगिता आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बेकार और अनुपयोगी वस्तुओं से सुंदर, आकर्षक एवं उपयोगी कलाकृतियां बनाकर अपनी कल्पनाशीलता का परिचय दिया।
विद्यार्थियों की इन कलाकृतियों ने यह संदेश दिया कि जिसे हम बेकार समझकर फेंक देते हैं, उसका भी सही उपयोग किया जा सकता है। इस पहल के माध्यम से कचरे का पुनः उपयोग, संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
मुख्य अतिथि ने रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की सराहना की और उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।
आर.एन. टैगोर इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने बांधा समां
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली आकर्षण आर.एन. टैगोर इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वच्छता गीत और नुक्कड़ नाटक रहा। विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वच्छता का महत्व समझाया और लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
नुक्कड़ नाटक के जरिए प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने, कूड़े को निर्धारित स्थान पर डालने, कचरे का उचित प्रबंधन करने तथा सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति से यह भी स्पष्ट किया कि स्वच्छ वातावरण का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और उसमें सक्रिय भागीदारी निभाए।
बच्चों की इन प्रस्तुतियों ने स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।
डॉ. तनु जैन का संदेश—स्वच्छता हमारी सोच, संस्कार और जिम्मेदारी का प्रतिबिंब
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी सोच, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतिबिंब है। किसी भी अभियान की वास्तविक सफलता उसके समापन में नहीं, बल्कि उससे समाज में आने वाले सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन में होती है।
उन्होंने कहा कि जब बच्चे स्वच्छता के महत्व को समझकर स्वयं इसका पालन करते हैं और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करते हैं, तो समाज में स्थायी बदलाव की मजबूत नींव तैयार होती है। विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे अभियानों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डॉ. तनु जैन ने अभियान में योगदान देने वाले सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रतिभागियों और छावनी परिषद के कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता बनाए रखना केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, रचनात्मकता और सामाजिक सहभागिता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
स्वच्छ छावनी, स्वस्थ समाज का संकल्प
‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता का महत्व केवल अभियान की निर्धारित अवधि तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसे प्रत्येक नागरिक की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है। घरों, विद्यालयों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने के साथ-साथ कचरे का उचित निस्तारण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
अभियान के माध्यम से खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को स्वच्छता के संदेश से जोड़कर विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।


