
बरेली। कैंट थाना क्षेत्र के परगवां गांव में कथित चोरी के मामले को लेकर कुछ न्यूज चैनलों पर गलत खबर प्रसारित करने का आरोप लगा है। खबरों में दावा किया गया कि दो महीने पहले हुई घटना की FIR दर्ज नहीं की गई और इंस्पेक्टर पर मुकदमा दर्ज न करने का आरोप लगाया गया। हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस मामले में मुकदमा संख्या 491/2026 पहले से दर्ज है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अमीर बानो पत्नी अजमत अली की शिकायत पर थाना कैंट में मुकदमा संख्या 491/2026, धारा 309(4) और 351(3) BNS के तहत दर्ज किया गया है। मामले में बबलू, तस्लीम, तहसीम समेत अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं।
पहले की जांच में आरोपों की नहीं हुई पुष्टि
पुलिस रिपोर्ट में बताया गया है कि मामले की पूर्व में जांच की गई थी, जिसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी थी। रिपोर्ट में दोनों पक्षों के बीच पारिवारिक विवाद और रंजिश का भी उल्लेख किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, कथित घटना की सूचना मिलने पर मौके का निरीक्षण किया गया था। उस दौरान घर का ताला टूटा नहीं मिला। रिपोर्ट में घटना से जुड़ी कुछ परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए पूर्व की जांच में घटना की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई है।
पुलिस रिकॉर्ड में मुकदमा दर्ज, खबर की तथ्यात्मकता पर सवाल
इस प्रकरण में मुख्य सवाल यह है कि जब पुलिस रिकॉर्ड में मुकदमा संख्या और संबंधित धाराओं के साथ FIR दर्ज होने का उल्लेख है, तो मुकदमा दर्ज नहीं होने की बात किस आधार पर प्रसारित की गई? उपलब्ध पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मुकदमा दर्ज है और मामले में विवेचना की जानी है।
पुलिस ने रिपोर्ट में कहा है कि मामले में गहराई से साक्ष्य संकलित कर विवेचना का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।
गौरतलब है कि FIR दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं है। मामले में आरोपों की सत्यता का निर्धारण विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।


