डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में नदी पुनर्जीवन, भूजल पुनर्भरण और जल सुरक्षा की दिशा में हो रहे प्रयासों को बताया अनुकरणीय
बरेली। नदियों का संरक्षण, जल संसाधनों का संवर्धन और भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में छावनी परिषद बरेली द्वारा किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण सराहना मिली है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव जैगम अली खान ने छावनी परिषद क्षेत्र में संचालित नकाटिया नदी पुनर्जीवन अभियान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नदी पुनर्जीवन स्थल का भ्रमण कर स्वच्छता, जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और हरितीकरण से संबंधित कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने इन पहलों को सकारात्मक एवं अनुकरणीय बताते हुए इनके निरंतर संचालन पर जोर दिया।
नकाटिया नदी को स्वच्छ, हरित और जीवंत बनाने की दिशा में पहल
छावनी परिषद बरेली द्वारा नकाटिया नदी के पुनर्जीवन के लिए किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य नदी की स्वच्छता में सुधार लाने के साथ-साथ उसके प्राकृतिक एवं पारिस्थितिक स्वरूप को संरक्षित करना है। इसी क्रम में संयुक्त सचिव जैगम अली खान ने नदी पुनर्जीवन स्थल का निरीक्षण किया और जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान छावनी परिषद बरेली की मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने संयुक्त सचिव एवं उनके साथ आए अधिकारियों को अभियान के अंतर्गत अब तक किए गए कार्यों, वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नदी के पुनर्जीवन के लिए स्वच्छता, हरितीकरण, जल संरक्षण और जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है, ताकि नदी को पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
डॉ. तनु जैन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताईं जल सुरक्षा की योजनाएं
नदी पुनर्जीवन स्थल के निरीक्षण के बाद छावनी परिषद कार्यालय में विस्तृत प्रस्तुतीकरण आयोजित किया गया। इसमें नकाटिया नदी पुनर्जीवन अभियान के साथ क्षेत्र में जल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए अपनाए जा रहे उपायों पर प्रकाश डाला गया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान डॉ. तनु जैन ने जल संसाधनों के संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल के अधिकतम संचयन तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी का पुनर्जीवन केवल उसकी सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जल स्रोतों को संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार की संभावनाओं को बढ़ावा देना और भविष्य की जल संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक टिकाऊ व्यवस्था विकसित करना है।
संयुक्त सचिव ने की समन्वित प्रयासों की सराहना
जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव जैगम अली खान ने डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में संचालित नदी पुनर्जीवन, जल संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़ी पहलों की सराहना की। उन्होंने इन प्रयासों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसके लिए सरकारी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों के साथ स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने नदी पुनर्जीवन और जल सुरक्षा से जुड़ी पहलों को निरंतर आगे बढ़ाने पर बल दिया, ताकि इनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
सिर्फ सफाई नहीं, नदी के संपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र के पुनर्जीवन पर जोर
इस अवसर पर डॉ. तनु जैन ने कहा कि छावनी परिषद बरेली का लक्ष्य नकाटिया नदी की सफाई तक सीमित नहीं है। परिषद नदी के पारिस्थितिक पुनर्जीवन, भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल संरक्षण और दीर्घकालिक जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समग्र एवं सतत दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रशासन, संस्थाओं और आम नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है। सामूहिक प्रयासों से ही जल स्रोतों को सुरक्षित रखने, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
नकाटिया नदी पुनर्जीवन अभियान छावनी परिषद बरेली के उन प्रयासों को रेखांकित करता है, जिनमें नदी संरक्षण, स्वच्छता, हरितीकरण और जल सुरक्षा को एक साथ जोड़कर देखा जा रहा है। अभियान के माध्यम से नदी के पर्यावरणीय महत्व को बढ़ावा देने तथा जल संसाधनों के प्रति जागरूकता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।


