हल्द्वानी/नैनीताल। सप्ताहांत, महीने के अंतिम रविवार और प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते हल्द्वानी से नैनीताल, कैंची धाम और पिथौरागढ़ जाने वाले मार्गों पर रविवार को कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सुबह से ही हजारों पर्यटक और श्रद्धालु पहाड़ों की ओर रवाना हुए, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने नैनीताल प्रवेश पर सख्ती बढ़ा दी है। शहर की सीमा पर वाहनों की जांच की जा रही है और केवल उन्हीं पर्यटकों को प्रवेश दिया जा रहा है, जिनकी होटल बुकिंग पहले से है। बिना बुकिंग वाले कई वाहनों को बॉर्डर पर ही रोककर वापस भेजा जा रहा है।
इधर, सरकारी रोडवेज बसों के कम संचालन को लेकर यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। यात्रियों का कहना है कि नैनीताल और हल्द्वानी के बीच सरकारी बसें नजर नहीं आ रहीं, जबकि निजी टैक्सी और बसें लगातार संचालित हो रही हैं। आरोप है कि भीड़ का फायदा उठाकर कुछ निजी वाहन संचालक सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना किराया वसूल रहे हैं।

कुछ यात्रियों ने दावा किया कि नैनीताल रोडवेज बस अड्डे पर पूछताछ करने पर उन्हें बताया गया कि फिलहाल रोडवेज बस उपलब्ध नहीं है और निजी वाहन से यात्रा करने की सलाह दी गई। इसके बाद यात्रियों ने सवाल उठाए कि यदि रोडवेज के पास बसें उपलब्ध हैं तो उन्हें अतिरिक्त भीड़ के समय क्यों नहीं चलाया जा रहा।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही रोडवेज विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
यात्रियों ने प्रशासन और रोडवेज विभाग से मांग की है कि पर्यटन सीजन और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाए तथा निजी वाहनों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।


