बरेली। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है और लाल फाटक-कांधरपुर मार्केट में राखियों व मिठाइयों की दुकानें सजकर तैयार हैं, लेकिन बाजार में इस बार पहले जैसी चहल-पहल नजर नहीं आ रही है। दुकानदारों को उम्मीद थी कि त्योहार नजदीक आते ही ग्राहकों की भीड़ बढ़ेगी, लेकिन फिलहाल बाजार में जनता की आवाजाही अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही है।

दुकानदारों का कहना है कि महंगाई ने त्योहार की खरीदारी का बजट प्रभावित कर दिया है। मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीनी और अन्य सामग्री के दाम बढ़ने से मिठाइयों के दाम भी बढ़े हैं। ग्राहक दुकानों पर पहुंचकर राखियों और मिठाइयों के रेट पूछ रहे हैं, लेकिन कीमत सुनने के बाद कई लोग खरीदारी टालते नजर आ रहे हैं।
पहले एक सप्ताह पहले शुरू हो जाती थी खरीदारी
व्यापारियों के मुताबिक पहले रक्षाबंधन से कई दिन पहले ही बाजारों में त्योहार की रौनक दिखाई देने लगती थी। भाई-बहन के इस पर्व को लेकर लोग परिवार के साथ बाजार पहुंचते थे और राखी, मिठाई सहित अन्य सामान की जमकर खरीदारी करते थे। इस बार महंगाई के चलते लोग जरूरत के हिसाब से ही खर्च कर रहे हैं।
ऑनलाइन राखियों ने भी बढ़ाई परेशानी
स्थानीय दुकानदारों के लिए ऑनलाइन खरीदारी भी बड़ी चुनौती बन गई है। दुकानदारों का कहना है कि अब लोग मोबाइल से घर बैठे राखियां और कई दूसरे सामान मंगा लेते हैं। इसका सीधा असर स्थानीय बाजार की बिक्री पर पड़ रहा है।
एक दुकानदार ने बताया कि दुकान पर पूरे दिन बैठकर ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है। ग्राहक आते हैं, सामान देखते हैं, कीमत पूछते हैं और कई बार बिना खरीदारी किए वापस चले जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि ऑनलाइन खरीदारी की सुविधा से ग्राहकों को विकल्प तो मिल रहे हैं, लेकिन छोटे स्थानीय दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
दुकानें सजीं, लेकिन ग्राहकों का इंतजार
लाल फाटक-कांधरपुर मार्केट में राखियों की अलग-अलग वैरायटी सज चुकी हैं और मिठाई की दुकानों पर भी त्योहार को देखते हुए तैयारी पूरी है। इसके बावजूद बाजार में ग्राहकों की संख्या कम होने से दुकानदारों की चिंता बढ़ी हुई है।
अब व्यापारियों की उम्मीद रक्षाबंधन से ठीक पहले के दिनों पर टिकी है। उन्हें भरोसा है कि त्योहार करीब आने पर लोग बाजार का रुख करेंगे और बिक्री में तेजी आएगी।


