पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने किया अभियान का शुभारंभ, हजारों पौधों का रोपण; नदी किनारे चला वृहद स्वच्छता अभियान

बरेली, 23 अगस्त। नकटिया नदी को उसका पुराना स्वरूप लौटाने की मुहिम अब सिर्फ प्रशासनिक अभियान नहीं रही, बल्कि जनभागीदारी की मजबूत पहल बनती जा रही है। रविवार को बरेली कैंट में आयोजित नकटिया नदी पुनर्जीवन अभियान में 1,000 से अधिक नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। लोगों ने श्रमदान कर नदी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
अभियान का नेतृत्व बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत ट्रेंचिंग ग्राउंड से हुई, जहां पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने पर्यावरणीय गतिविधियों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर वृहद पौधरोपण अभियान चलाया गया और हजारों पौधे रोपे गए। पौधरोपण का उद्देश्य क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने के साथ स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।
नदी के किनारे उतरे लोग, खुद संभाली सफाई की जिम्मेदारी
कार्यक्रम के अगले चरण में धोपेश्वर मंदिर के पीछे नकटिया नदी के तट पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने नदी के किनारों पर पहुंचकर श्रमदान किया और प्लास्टिक, ठोस कचरे तथा अन्य प्रदूषक सामग्री को हटाया।
नदी की सफाई के दौरान लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। अभियान में शामिल नागरिकों ने साफ संदेश दिया कि नदियों को बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकारी विभागों की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है।
एक दिन की सफाई नहीं, लंबे समय का मिशन
नकटिया नदी पुनर्जीवन मिशन को केवल एक दिवसीय सफाई अभियान तक सीमित नहीं रखा गया है। इसका लक्ष्य नदी के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को धीरे-धीरे पुनर्जीवित करना है। इसके लिए नियमित सफाई, देशज प्रजातियों का पौधरोपण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, वैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं नियोजन और आवश्यक पारिस्थितिकीय हस्तक्षेप के साथ जनभागीदारी को अभियान का आधार बनाया गया है।
“नदी की सफाई के साथ उसके पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्स्थापित करना लक्ष्य”
बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड की CEO डॉ. तनु जैन ने कहा कि नकटिया नदी के पुनर्जीवन का उद्देश्य सिर्फ नदी से कचरा हटाना नहीं है। नदी के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्स्थापित करना इस मिशन का मूल उद्देश्य है। आने वाले महीनों में अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा और विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों को इससे जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनभागीदारी इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है। जब प्रशासन के प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी जुड़ती है, तो किसी भी पर्यावरणीय अभियान को स्थायी सफलता की दिशा में ले जाना संभव होता है।
हजारों पौधे, हजारों हाथ और एक बड़ा संकल्प
रविवार को नकटिया नदी के पुनर्जीवन के लिए जुटे 1,000 से अधिक लोगों की भागीदारी ने बरेली कैंट में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक मजबूत संदेश दिया। हजारों पौधों का रोपण और नदी किनारे किया गया श्रमदान अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में रहा।
नकटिया नदी पुनर्जीवन मिशन का लक्ष्य नकटिया को स्वच्छ, निर्मल, हरी-भरी, स्वस्थ और जीवंत नदी के रूप में विकसित करना है। साथ ही बरेली कैंट में पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का एक ऐसा स्थायी मॉडल तैयार करना है, जिसे भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सके।
आज नकटिया के किनारे सिर्फ सफाई नहीं हुई, बल्कि नदी को बचाने के लिए एक सामूहिक आवाज बुलंद हुई—प्रकृति बचेगी, नदी बचेगी और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा।


