
गुरुग्राम। मॉडल दिव्या पाहुजा हत्याकांड में आरोपी रहे होटल संचालक अभिजीत सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। पत्रकार सलोनी सिंह ने उन पर साइबर हैकिंग, डिजिटल ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
सलोनी सिंह का दावा है कि वह अभिजीत सिंह को कई वर्षों से जानती थीं और उन्हें अपना मुंहबोला भाई मानती थीं। उनके अनुसार, एक दिन अभिजीत ने गाना सुनने के बहाने कुछ मिनटों के लिए उनका मोबाइल फोन लिया। आरोप है कि इसी दौरान उसने एक QR कोड स्कैन किया और कुछ देर बाद फोन वापस कर दिया।
सलोनी का कहना है कि इसके बाद उनके जीमेल, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल खातों तक कथित रूप से अनधिकृत पहुंच बना ली गई। उनका आरोप है कि उनकी निजी जानकारी और डिजिटल डेटा का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पत्रकार सलोनी सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें दावा किया गया है कि अभिजीत सिंह उन्हें लगातार धमकी दे रहा है। वीडियो में उन्होंने आशंका जताई है कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी अभिजीत सिंह की होगी।
दिव्या पाहुजा हत्याकांड से जुड़ा है नाम
अभिजीत सिंह, गुरुग्राम स्थित होटल सिटी प्वाइंट के संचालक हैं। उनका नाम चर्चित दिव्या पाहुजा हत्याकांड में सामने आया था। इस मामले में उन्हें फरवरी 2024 में गिरफ्तार किया गया था। करीब 22 महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद दिसंबर 2025 में उन्हें जमानत मिली। यह मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।
साइबर विशेषज्ञों की सलाह
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल फोन में बैंकिंग, ईमेल, सोशल मीडिया और अन्य संवेदनशील जानकारी होती है। ऐसे में बिना पर्याप्त भरोसे के किसी को अपना फोन देना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि, केवल QR कोड स्कैन कर लेने मात्र से हर स्थिति में फोन हैक हो जाना तय नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसके बाद कौन-कौन सी अनुमतियां दी गईं और उपयोगकर्ता ने आगे क्या कार्रवाई की।
जांच जारी, आरोपी का पक्ष सामने नहीं आया
फिलहाल पत्रकार सलोनी सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। अभिजीत सिंह की ओर से इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


