
पीलीभीत। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ के तहत पीलीभीत पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर उपलब्ध शिकायतों के विश्लेषण में नेटवर्क से जुड़े खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम सामने आने की बात पुलिस ने कही है। अलग-अलग रिपोर्टों में कुल रकम करीब 102 करोड़ रुपये तक बताई गई है।
सरकारी योजना और इनाम का लालच देकर खुलवाते थे खाते
पुलिस जांच के अनुसार मामले की शुरुआत जहानाबाद क्षेत्र निवासी दानिश अंसारी की शिकायत से हुई। आरोप था कि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और रुपये देने का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए। बाद में खातों से जुड़े एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज कथित तौर पर आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिए। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को ऐसे कई खातों के साइबर अपराध में इस्तेमाल होने के संकेत मिले।
पुलिस के मुताबिक ये खाते कथित ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी निवेश योजनाओं से हुई ठगी की रकम के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की बैंकिंग चेन और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
मोहसिन और राहुल गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में मोहसिन पुत्र मोहम्मद अमजद, निवासी कस्बा व थाना जहानाबाद, पीलीभीत और राहुल पुत्र मेघनाथ, निवासी हरवंशपुर लक्ष्मनियापुर, थाना भोजीपुरा, बरेली को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जांच में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
करीब 200 साइबर शिकायतों से जुड़े मिले खाते
पुलिस जांच में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों के संबंध में देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 200 साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं। जांच में उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों से जुड़े मामलों की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार कुछ खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन से संबंधित कई शिकायतें दर्ज हैं। इन्हीं शिकायतों और बैंकिंग लेनदेन के विश्लेषण के आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
मोबाइल, लैपटॉप और बैंकिंग दस्तावेज बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से लैपटॉप, कई मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, बैंक पासबुक और कथित फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। लगभग पांच लाख रुपये बैंक खातों में होल्ड कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस डिजिटल उपकरणों में मौजूद डेटा की जांच कर नेटवर्क से जुड़े दूसरे आरोपियों और बैंक खातों का पता लगाने में जुटी है।
सीओ सदर नताशा गोयल की निगरानी में जांच
सीओ सदर नताशा गोयल ने मीडिया को बताया कि विवेचना के दौरान पूरे नेटवर्क से संबंधित जानकारियां सामने आईं। जहानाबाद थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम अब बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों तथा साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का मिलान कर रही है। कार्रवाई में जहानाबाद थाना प्रभारी जयशंकर सिंह समेत साइबर सेल और पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
अन्य आरोपियों की तलाश, जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस के अनुसार नेटवर्क से जुड़े विशाल मौर्य और फरमान समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है और उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। जांच पूरी होने पर ठगी की वास्तविक रकम, पीड़ितों की संख्या और नेटवर्क में शामिल लोगों की संख्या अधिक स्पष्ट होगी।
‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराध के खिलाफ शुरू किया गया अभियान है, जिसमें साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, संदिग्ध खातों और डिजिटल नेटवर्क की पहचान तथा पीड़ितों की रकम वापस कराने पर जोर दिया गया है।


