4 सुपर ज़ोन, 8 ज़ोन और 29 सेक्टर में बंटा जिला, ड्रोन से निगरानी, 3500 से अधिक पुलिसकर्मी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बरेली में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा और 108वें उर्स-ए-आला हज़रत को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। दोनों बड़े धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। खुद जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने मोर्चा संभालते हुए संवेदनशील इलाकों का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
बरेली जिले को सुरक्षा की दृष्टि से 4 सुपर ज़ोन, 8 ज़ोन और 29 सेक्टर में विभाजित किया गया है। पूरे शहर में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा 3500 से अधिक पुलिसकर्मी, सिविल ड्रेस में तैनात पुलिसकर्मी, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां भी तैनात की गई हैं। हर संवेदनशील स्थान पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी और एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया गया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी मुस्तैदी, सतर्कता और अनुशासन के साथ जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और प्रशासन की टीम ने व्यापारियों, धर्मगुरुओं और स्थानीय नागरिकों से भी संवाद किया। सभी से आपसी भाईचारा बनाए रखने, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि बरेली की गंगा-जमुनी संस्कृति और सौहार्द को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए दोनों धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाएंगे।
ड्रोन निगरानी, कड़ी पुलिस व्यवस्था, लगातार फ्लैग मार्च और वरिष्ठ अधिकारियों की मॉनिटरिंग के बीच बरेली में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं और जायरीन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी


