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बरेली छावनी बोर्ड ने छावनी क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देने के लिए कई बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी है।

बरेली छावनी बोर्ड की साधारण बैठक ब्रिगेडियर ए.पी.एस. भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनु जैन और नामित सिविल सदस्य डॉ. वैभव जायसवाल मौजूद रहे। बैठक में छावनी क्षेत्र के समग्र विकास, आधुनिक आधारभूत ढांचे, स्वच्छता और जनसुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

 

बैठक में सबसे पहले कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देते हुए 1 जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) और 60 प्रतिशत महंगाई राहत (DR) स्वीकृत की गई।

शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लेखा नगर में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण, वृंदावन गेस्ट हाउस की मरम्मत, सदर बाजार में फुटपाथों का सुधार और प्री-कास्ट ड्रेन कवर लगाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वहीं रात्रिकालीन सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए डेकोरेटिव इलेक्ट्रिक पोल लगाए जाएंगे। सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए रोड साइन बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग और रोड मार्किंग भी विकसित की जाएगी।

प्रशासनिक और नागरिक सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए फाइल कॉम्पैक्टर, ऑनलाइन यूपीएस, सीसीटीवी स्टोरेज डिवाइस, नए स्वच्छता वाहन और ट्री प्रूनिंग मशीन खरीदने का फैसला लिया गया, जिससे रिकॉर्ड प्रबंधन, निगरानी, सफाई व्यवस्था और हरित क्षेत्र के रखरखाव में सुधार होगा।

दीर्घकालिक विकास योजनाओं को गति देने के लिए ब्रिज एंड रूफ कंपनी (इंडिया) लिमिटेड को प्रमुख परियोजनाओं की डीपीआर और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी का जिम्मा सौंपा गया है। इसके तहत SCADA आधारित आधुनिक जलापूर्ति प्रणाली, मल्टी लेवल पार्किंग, आर.एन. टैगोर इंटर कॉलेज में नए अकादमिक ब्लॉक का निर्माण और आधुनिक ऑडिटोरियम विकसित किया जाएगा।

स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए GeM पोर्टल के माध्यम से एक वर्ष के लिए कुशल और अकुशल आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी, जिन्हें स्कूलों, अस्पताल, कार्यालयों और सफाई व्यवस्था में तैनात किया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम उठाते हुए गार्बेज टू गोल्ड सेंटर से प्राप्त पुनर्चक्रण योग्य कचरे की नीलामी को मंजूरी दी गई। साथ ही बरेली छावनी को ODF++ प्रमाणन दिलाने के लिए आवेदन करने का निर्णय लिया गया, जिससे स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के मानकों को और मजबूत किया जा सके।

यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कारगिल चौक के पुनर्विकास और विस्तार हेतु एनओसी भी जारी कर दी गई। हालांकि मिनी हाईमास्ट लाइट, गार्डन बेंच, धोपेश्वर नाथ मंदिर स्थित तालाब के पुनर्जीवन और बैटरी संचालित मिनी रोड स्वीपर जैसे कुछ प्रस्तावों को विस्तृत तकनीकी परीक्षण के बाद अगली बैठक तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

 

छावनी बोर्ड का कहना है कि इन फैसलों से बरेली छावनी में आधुनिक बुनियादी ढांचा, बेहतर नागरिक सुविधाएं, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण, पर्यावरण संरक्षण तथा टिकाऊ शहरी विकास को नई गति मिलेगी। आने वाले समय में छावनी क्षेत्र को एक स्मार्ट, हरित और तकनीक-सक्षम क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल साबित होगी

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