बरेली। सामाजिक सौहार्द एवं राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने की मांग को लेकर पीस कमेटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बरेली जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि नाजिया इलाही द्वारा मुस्लिम समाज तथा हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के संबंध में की गई कथित अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियों से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल ने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और विविधता में एकता से है। यहां सभी धर्मों के लोग प्रेम, सम्मान और सौहार्द के साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म, धार्मिक प्रतीक या महापुरुष के प्रति अपमानजनक टिप्पणी समाज में वैमनस्य फैलाने का कार्य करती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि भारत एक राष्ट्र है और सभी भारतीयों का डीएनए, संस्कृति और देशभक्ति की भावना हमें एक सूत्र में बांधती है। देश को धर्म, जाति या संप्रदाय के नाम पर बांटने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी समुदायों के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनते हैं और त्योहारों पर शुभकामनाएं देकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं।
पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने अपने ज्ञापन में सरकार से मांग की कि समाज में नफरत और विभाजन की भावना फैलाने वाले बयानों पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अखिलेश अग्रवाल, चौधरी प्रेम सिंह, एडवोकेट सत्यवीर सिंह तोमर, एडवोकेट अनमोल रस्तोगी, मोनू खान, हरमीत सिंह, शानू, खुशनुमा खान, आजम खान, मोटू सक्सेना, सुरजीत सिंह, विवेक शर्मा, विनोद रस्तोगी, रहीम खान सहित बड़ी संख्या में पीस कमेटी ऑफ इंडिया के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


