बरेली। कांधरपुर मोड़ पर खुले नाले की वजह से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। परिवार के साथ शहर की ओर जा रही एक कार खुले नाले में जा गिरी। स्थानीय लोगों की मदद से कार सवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद क्षेत्रवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली।

ग्रामीणों का कहना है कि कांधरपुर मोड़ स्थित यह खुला नाला लंबे समय से हादसों का कारण बना हुआ है। आए दिन यहां स्कूल जाने वाले बच्चे, मोटरसाइकिल सवार, ऑटो चालक और अन्य राहगीर नाले में गिरकर चोटिल होते रहते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इसी मार्ग से ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, विधायक, पूर्व सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों का लगातार आवागमन होता है, लेकिन किसी की नजर इस खतरनाक नाले पर नहीं पड़ती। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेता विकास और समस्याओं के समाधान के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता की परेशानियां भुला दी जाती हैं।
ग्रामीणों के अनुसार नाले के निर्माण कार्य में भी गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया, जिसके कारण नाला लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। वहीं बरसात का मौसम नजदीक होने के बावजूद नाले की सफाई भी केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। कुछ दिन पहले एक दिन के लिए सफाई अभियान चलाया गया, लेकिन उसके बाद दोबारा कोई कार्य नहीं हुआ।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नाले को ढका नहीं गया और नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात में स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल नाले पर सुरक्षा व्यवस्था, जाल या स्लैब लगाने तथा स्थायी समाधान करने की मांग की है।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब “स्मार्ट बरेली” के दावे किए जा रहे हैं, तब कांधरपुर मोड़ जैसे क्षेत्रों में खुले नाले और लगातार हो रहे हादसे विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।


