नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मामले में अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन और विभागीय लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अधिवक्ता रणधीर शर्मा ने इस मामले में जिम्मेदार विभागों के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) दायर करने की घोषणा की है।
रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली हाईकोर्ट के वर्ष 2001 के आदेशों और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि अवैध निर्माण, फायर विभाग की कथित लापरवाही, निरीक्षण की कमी और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय न होने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।
उन्होंने कहा कि जिस भवन में आग लगी, वहां फायर सेफ्टी मानकों का पर्याप्त पालन नहीं हुआ था। आरोप है कि भवन का नियमित निरीक्षण नहीं किया गया और कई विभागों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया। शर्मा के अनुसार, हादसे में फंसे लोगों के पास बाहर निकलने के पर्याप्त साधन नहीं थे, जिससे जनहानि बढ़ी।
अधिवक्ता शर्मा ने कहा कि अवैध निर्माण रोकने के लिए न्यायालय पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद राजधानी में कई क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार को एक स्थायी निगरानी तंत्र बनाना चाहिए, जिससे अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक और सैटेलाइट मैपिंग के माध्यम से अवैध निर्माणों की पहचान संभव है, इसलिए संबंधित एजेंसियों को अधिक जवाबदेह बनाया जाना चाहिए
मामले में जल्द ही संबंधित विभागों के खिलाफ PIL दायर किए जाने की बात कही गई है। वहीं, प्रशासन की ओर से हादसे की जांच जारी है और जिम्मेदारियों की पड़ताल की जा रही है।


