बरेली। रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत रक्षा संपदा कार्यालय, बरेली ने शुक्रवार को विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। लगभग 4.66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक कार्यालय भवन एवं स्टाफ आवासों का लोकार्पण महानिदेशक रक्षा संपदा (DGDE) श्रीमती शोभा गुप्ता ने गरिमामय समारोह में किया।
समारोह में प्रधान निदेशक रक्षा संपदा, मध्य कमान श्रीमती भावना सिंह, निदेशक रक्षा संपदा, मध्य कमान श्री पुष्पेंद्र सिंह, सैन्य अभियंत्रण सेवा (MES), भारतीय वायु सेना, नागरिक प्रशासन, विभिन्न रक्षा प्रतिष्ठानों के वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी तथा बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर रक्षा संपदा अधिकारी, बरेली ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि नवीन कार्यालय भवन और स्टाफ आवास केवल एक नई इमारत नहीं, बल्कि रक्षा संपदा विभाग की आधुनिक, पारदर्शी, दक्ष एवं जनोन्मुखी कार्यशैली का प्रतीक हैं। आधुनिक सुविधाओं और सतत निर्माण सिद्धांतों पर आधारित यह परिसर कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ आम नागरिकों एवं अन्य हितधारकों को अधिक तेज, प्रभावी और समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि रक्षा संपदा कार्यालय, बरेली मध्य कमान की सबसे पुरानी एवं महत्वपूर्ण इकाइयों में शामिल है। यह कार्यालय बरेली, शाहजहांपुर, रामपुर, मुरादाबाद और अमरोहा जनपदों में रक्षा भूमि के संरक्षण, प्रबंधन एवं प्रशासन का दायित्व निभा रहा है। इसके अधिकार क्षेत्र में दो छावनियां, वायु सेना स्टेशन इज्जतनगर तथा अनेक कैंपिंग ग्राउंड भी शामिल हैं।
गत वर्षों में कार्यालय ने रक्षा भूमि के डिजिटलीकरण, नामांतरण, अतिक्रमण हटाने, भूमि सर्वेक्षण, शत्रु संपत्ति सर्वेक्षण तथा वर्षों से लंबित मामलों के निस्तारण में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। हाल ही में मुरादाबाद के मैनाठेर कैंपिंग ग्राउंड की 9.86 एकड़ रक्षा भूमि का राजस्व अभिलेखों में नामांतरण, शाहजहांपुर एवं मैनाठेर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तथा 327.49 एकड़ मिलिट्री फार्म भूमि के सफल हस्तांतरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए हैं।
रक्षा संपदा कार्यालय, बरेली ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मध्य कमान का पहला कार्यालय बनने का गौरव प्राप्त किया, जिसने फेज-3 रक्षा भूमि सर्वेक्षण एवं शत्रु संपत्ति सर्वेक्षण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके अतिरिक्त नई दिल्ली में आयोजित संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण तथा कार्यालय के वार्षिक प्रशासनिक निरीक्षण का भी सफल संचालन किया गया।
वर्ष 2025 में वायु सेना स्टेशन, बरेली स्थित एक महत्वपूर्ण डीआरडीओ परियोजना से जुड़े वर्षों पुराने भूमि प्रकरण का सफल निस्तारण किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-734 परियोजना के लिए रक्षा भूमि हस्तांतरण, पुराने सरकारी बंगलों का पुनः अधिग्रहण, Public Premises Act के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई तथा न्यायालयों में भारत सरकार के पक्ष में सफल पैरवी जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य भी संपन्न किए गए।
करीब 4.66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना में आधुनिक कार्यालय भवन के साथ कर्मचारियों के लिए टाइप-II एवं टाइप-III आवासों का निर्माण किया गया है। यह परियोजना विभाग की कर्मचारी कल्याण एवं बेहतर कार्य संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
रक्षा संपदा अधिकारी ने इस उपलब्धि का श्रेय महानिदेशक रक्षा संपदा श्रीमती शोभा गुप्ता, प्रधान निदेशक रक्षा संपदा मध्य कमान श्रीमती भावना सिंह, पूर्व अधिकारियों, सैन्य अभियंत्रण सेवा (MES) तथा सभी सहयोगी एजेंसियों के मार्गदर्शन और सहयोग को दिया।
समारोह का समापन राष्ट्र निर्माण, रक्षा भूमि के प्रभावी प्रबंधन और उत्कृष्ट सार्वजनिक सेवा के संकल्प के साथ “जय हिंद” के उद्घोष के बीच हुआ


