। शिविर में लड़कियों और लड़कों को आत्मरक्षा के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण शिविर का संचालन अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता (मलेशिया) एवं कराटे मुख्य प्रशिक्षक शिहान बाबूराम सिंह द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती छेड़खानी और महिलाओं के विरुद्ध होने वाली घटनाओं को देखते हुए बच्चों को कम उम्र से ही आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आज के दौर में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि शारीरिक रूप से फिट रहना और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की तकनीक सीखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि बच्चे प्रतिदिन स्कूल आने-जाने के दौरान बस, ट्रेन या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सफर करते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय स्थिति का साहसपूर्वक सामना करने और स्वयं की रक्षा करने के लिए कराटे का प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।
विद्यालय की प्रधानाचार्य ने इस पहल की सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं को पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और अनुशासन को मजबूत बनाता है तथा यह उनके सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


