12 घंटे में हत्याकांड का खुलासा करने का पुलिस का दावा, पत्नी समेत तीन गिरफ्तार; एक बाल अपचारी संरक्षण में
भास्कर टुडे | उन्नाव में हाईवे किनारे लोहे के बड़े बक्से में युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। रायबरेली-उन्नाव हाईवे पर हेल्थ हॉस्पिटल के सामने चादर और कंबल में लिपटा युवक का शव बरामद हुआ। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को संरक्षण में लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 20 अक्टूबर को हाईवे किनारे संदिग्ध बक्सा पड़े होने की सूचना मिली थी। कोतवाली सदर पुलिस मौके पर पहुंची और बक्सा खोलने पर उसमें युवक का शव मिला। इसके बाद कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीमों ने मामले की जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में एक छोटा हाथी लोडर बक्से को गदनखेड़ा की ओर से लाता दिखाई दिया। कुछ समय बाद वही वाहन बिना बक्से के लौटता नजर आया। एनपीआर कैमरों से वाहन का नंबर मिलने के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और शुक्लागंज के कंचन नगर निवासी नेहा रावत तक पहुंची।
पत्नी और पड़ोसी पर हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि नेहा रावत ने पड़ोसी जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल के साथ मिलकर अपने पति सोनू की हत्या की। आरोप है कि इसके बाद शव को चादर और कंबल में लपेटकर लोहे के बक्से में बंद कर दिया गया। फिर तौहीद और एक बाल अपचारी की मदद से लोडर में बक्सा रखकर हाईवे किनारे छोड़ दिया गया।
पुलिस का दावा है कि नेहा और सोनू के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था। पूछताछ में नेहा ने कथित तौर पर बताया कि 19 और 20 अक्टूबर की रात उसने जितेंद्र के साथ मिलकर सोनू पर बट्टे यानी लोढ़े से वार किया और फिर कंबल से उसका मुंह दबा दिया।
तीन गिरफ्तार, एक बाल अपचारी संरक्षण में
पुलिस ने नेहा रावत, जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल और तौहीद को गिरफ्तार किया है। एक बाल अपचारी को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों की निशानदेही पर बट्टा, लोहे का बक्सा और घटना में इस्तेमाल लोडर बरामद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि तौहीद के पास से चार हजार रुपये और बाल अपचारी के पास से 4,200 रुपये मिलने की बात भी सामने आई है। वहीं, लोडर मालिक एवं चालक राजेश गुप्ता की भूमिका की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। मामले में आरोपितों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।


