प्रधान निदेशक रक्षा संपदा भावना सिंह ने किया स्थलीय निरीक्षण, श्रमदान व पौधरोपण कर बढ़ाया अभियान का उत्साह तीन माह में नदी किनारे विकसित होगा ‘इकोलॉजिकल पार्क’, पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

बरेली, 4 सितंबर। नकटिया नदी को स्वच्छ, सुंदर और जीवंत स्वरूप प्रदान करने की दिशा में बरेली छावनी परिषद द्वारा चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी नकटिया नदी पुनर्जीवन अभियान को शुक्रवार को उस समय नई ऊर्जा मिली, जब श्रीमती भावना सिंह, प्रधान निदेशक रक्षा संपदा संगठन, मध्य कमान, लखनऊ ने बरेली पहुंचकर अभियान का स्थलीय निरीक्षण एवं विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नदी के किनारे पहुंचकर अभियान की प्रगति को करीब से देखा तथा स्वयं श्रमदान और वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. तनु जैन, मुख्य अधिशासी अधिकारी, छावनी परिषद बरेली ने नकटिया नदी पुनर्जीवन अभियान की अब तक की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान को केवल नदी की सफाई तक सीमित न रखते हुए इसे नदी संरक्षण, हरित क्षेत्र के विकास, जैव विविधता संरक्षण, जनजागरूकता और जनभागीदारी से जोड़कर व्यापक रूप दिया जा रहा है।
डॉ. तनु जैन ने अभियान की परिकल्पना से लेकर अब तक किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए नदी से कचरा हटाने, नदी तट की स्वच्छता एवं सुंदरता बढ़ाने, वेटिवर तथा अन्य पौधों के रोपण और स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों एवं विभिन्न संस्थाओं को अभियान से जोड़ने की कार्ययोजना से अवगत कराया।
नदी किनारे पहुंचकर लिया जायजा
प्रधान निदेशक रक्षा संपदा भावना सिंह ने नकटिया नदी के किनारे पहुंचकर विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नदी की वर्तमान स्थिति, सफाई कार्य और हरित क्षेत्र विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को देखा। इसके बाद उन्होंने स्वयं श्रमदान एवं वृक्षारोपण में भाग लेकर अभियान से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर हैं। नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने छावनी परिषद द्वारा नकटिया नदी के पुनर्जीवन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और विशेष रूप से डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने की पहल की प्रशंसा की। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए छावनी परिषद को पूर्ण सहयोग, समर्थन एवं आशीर्वाद प्रदान किया।
सफाई अभियान से आगे बढ़कर बनेगा पर्यावरणीय मॉडल
डॉ. तनु जैन ने बताया कि नकटिया नदी पुनर्जीवन अभियान को एक दीर्घकालिक और व्यापक पर्यावरणीय परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है। उद्देश्य नदी की सफाई के साथ-साथ उसके आसपास के प्राकृतिक वातावरण को बेहतर बनाना, जैव विविधता को संरक्षित करना और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
उन्होंने बताया कि आगामी तीन माह में नकटिया नदी के आसपास ‘इकोलॉजिकल पार्क’ विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित पार्क आमजन के लिए आकर्षक हरित स्थल होने के साथ पर्यावरण शिक्षा, जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
जनभागीदारी बनेगी अभियान की सबसे बड़ी ताकत
छावनी परिषद का प्रयास है कि नकटिया नदी के पुनर्जीवन को एक ऐसे जनअभियान का रूप दिया जाए, जिसमें विद्यार्थी, युवा, नागरिक, सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान और विभिन्न विभाग मिलकर अपनी भूमिका निभाएं। इसके माध्यम से नदी के प्रति लोगों में जिम्मेदारी और संरक्षण की भावना विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
नकटिया नदी के पुनर्जीवन की यह पहल आने वाले समय में बरेली के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावरण संरक्षण मॉडल के रूप में विकसित हो सकती है। नदी की स्वच्छता, हरियाली, जैव विविधता और जनसहभागिता को एक साथ जोड़कर छावनी परिषद इसे शहर के लिए एक खूबसूरत और पर्यावरण के अनुकूल स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।


