बरेली। कभी गंदगी और कचरे से जूझ रही नकटिया नदी (नाथ गंगा) को फिर से स्वच्छ, सुंदर और जीवंत बनाने की मुहिम अब जनअभियान का रूप लेती जा रही है। छावनी परिषद बरेली के नेतृत्व में चल रहे नकटिया नदी पुनर्जीवन महाअभियान में मंगलवार को बिशप कॉनराड स्कूल, सेंट मारिया गोरेटी इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं, स्थानीय युवाओं और छावनी परिषद के कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ श्रमदान किये

सुबह से ही नदी किनारे युवाओं और विद्यार्थियों की टोली पहुंची। किसी ने कचरा उठाया तो किसी ने नदी किनारे सफाई की जिम्मेदारी संभाली। देखते ही देखते करीब 200 मीटर नदी किनारे की सफाई कर लगभग 15 टन कचरा बाहर निकाला गया। अभियान में शामिल लोगों ने न केवल सफाई की, बल्कि आसपास के लोगों को भी नदी को गंदा न करने और स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया।
1000 पौधे लगाए, हरियाली का भी संकल्प नदी को केवल साफ करना ही नहीं, बल्कि उसके आसपास का पर्यावरण बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर पौधरोपण भी किया गया। जनसमूह ने विभिन्न प्रजातियों के करीब 1000 पौधे रोपित किए। पौधों के जरिए नदी किनारे हरियाली विकसित करने और प्राकृतिक वातावरण को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया।
युवाओं ने कहा—नदी हमारी जिम्मेदारी अभियान में विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी खास आकर्षण रही। युवाओं ने श्रमदान के जरिए संदेश दिया कि नदियों और पर्यावरण की रक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। युवाओं की बढ़ती भागीदारी ने अभियान को नई ऊर्जा दी।
डॉ. तनु जैन ने किया उत्साहवर्धन छावनी परिषद बरेली की मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने अभियान में शामिल विद्यार्थियों, स्थानीय नागरिकों, युवाओं और छावनी परिषद के कर्मचारियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नकटिया नदी के पुनर्जीवन के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने नागरिकों से नदी को स्वच्छ रखने, कचरा नदी में न डालने और अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ने की अपील की।
नकटिया नदी की सफाई के साथ पौधरोपण की मुहिम ने यह संदेश दिया कि जब प्रशासन और जनता एक साथ कदम बढ़ाते हैं तो बदलाव जमीन पर दिखाई देने


