राजस्थान । के जालौर जिले के एक PM SHRI सरकारी विद्यालय में छात्राओं को किताबें छोड़कर धरने पर बैठना पड़ा। वजह—स्कूल में पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं हैं। जिस स्कूल में बच्चों का भविष्य संवरना चाहिए, वहीं छात्राएं अपनी पढ़ाई का अधिकार मांगने के लिए प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला, जब एक छात्रा खुद आगे आई और अपनी साथी छात्राओं की आवाज़ बनकर शिक्षकों की नियुक्ति की मांग उठाई। छात्राओं का कहना है कि बिना शिक्षकों के उनकी पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है और उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है।
यह घटना सिर्फ एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। जब PM SHRI जैसे मॉडल विद्यालय में भी शिक्षकों की कमी हो, तो अन्य सरकारी स्कूलों की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग और प्रशासन इस विरोध को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्या छात्राओं को जल्द शिक्षक मिलेंगे, या उन्हें अपने शिक्षा के अधिकार के लिए आगे भी इसी तरह सड़क और धरने का सहारा लेना पड़ेगा?


