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बरेली बवाल: आरोपियों की बढ़ी मुश्किलें, पुलिस ने जमानत रद्द कराने के लिए कोर्ट में दाखिल की याचिका

जमानत निरस्त कराने की मांग, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश; वीडियो और साक्ष्यों से अज्ञात आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

बरेली। बरेली बवाल से जुड़े मुकदमों में पुलिस ने आरोपियों पर कानूनी शिकंजा और कसना शुरू कर दिया है। कोतवाली और बारादरी थानों में दर्ज दंगे के मुकदमों में जमानत हासिल करने के बाद विवेचना में अपेक्षित सहयोग नहीं करने वाले आरोपियों की जमानत निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विवेचक संजय कुमार धीर की ओर से ऐसे आरोपियों के खिलाफ संबंधित न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है।

पुलिस के मुताबिक बवाल से जुड़े मुकदमों की विवेचना लगातार आगे बढ़ रही है। विवेचना के दौरान कुछ ऐसे आरोपी सामने आए हैं, जिन्हें न्यायालय से जमानत मिल चुकी है, लेकिन आरोप है कि वे जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। पुलिस ने उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों को न्यायालय के समक्ष रखते हुए उनकी जमानत निरस्त करने की मांग की है।

फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश

दूसरी ओर दंगे के मुकदमों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने भी अभियान तेज कर दिया है। पुलिस टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। उनके संपर्कों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई फिलहाल दो मोर्चों पर चल रही है। एक तरफ जमानत पर बाहर आए और विवेचना में कथित तौर पर सहयोग नहीं करने वाले आरोपियों की जमानत निरस्त कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है, वहीं दूसरी ओर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।

वीडियो और साक्ष्यों से हो रही पहचान

पुलिस बवाल से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान में भी जुटी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बवाल में शामिल रहे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हाईकोर्ट जाने की भी तैयारी

पुलिस मामले में आगे की कानूनी रणनीति भी तैयार कर रही है। जरूरत पड़ने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।

हालांकि किसी आरोपी की जमानत निरस्त करने या उसे बरकरार रखने का अंतिम निर्णय न्यायालय ही करेगा। यदि किसी आरोपी की जमानत निरस्त होती है तो उसके पास सक्षम उच्चतर न्यायालय से राहत मांगने का कानूनी विकल्प भी रहेगा।

बरेली बवाल के बाद कोतवाली और बारादरी समेत विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान समेत कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। अब जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के अभियान से मामले में आरोपियों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ने की संभावना है।

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