
बरेली। पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बरेली ने थाना इज्जतनगर में तैनात दो उप निरीक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मियों पर विवेचना कार्य में गंभीर लापरवाही, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी तथा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में उदासीनता बरतने के आरोप लगे हैं।
जारी आदेश के अनुसार उप निरीक्षक रोहन राणा और उप निरीक्षक सुनीत कुमार के विरुद्ध सहायक पुलिस आयुक्त/क्षेत्राधिकारी नगर तृतीय की आख्या के आधार पर कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि दोनों उप निरीक्षकों को कई महत्वपूर्ण आपराधिक मुकदमों की विवेचना सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने समय पर जांच पूरी नहीं की और न ही आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि उप निरीक्षक रोहन राणा के पास वर्ष 2023 और 2024 के कई मुकदमों की विवेचना लंबित थी। आरोप है कि विवेचना के दौरान उन्होंने न तो पर्याप्त प्रगति दिखाई और न ही समय-समय पर मांगी गई रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई। इसके अलावा उनके द्वारा विवेचना संबंधी निर्देशों का पालन न करने की बात भी सामने आई है।
वहीं उप निरीक्षक सुनीत कुमार के खिलाफ भी कई मुकदमों की जांच में लापरवाही बरतने, समय पर विवेचना पूरी न करने तथा विभागीय आदेशों की अनदेखी करने के आरोप पाए गए हैं। विभागीय समीक्षा में यह भी पाया गया कि दोनों अधिकारियों के कार्य व्यवहार से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और छवि प्रभावित हुई है।
एसएसपी द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि दोनों उप निरीक्षकों का आचरण पुलिस अधिकारियों के लिए निर्धारित सेवा नियमों के विपरीत पाया गया है। उनके विरुद्ध आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए विस्तृत विभागीय जांच कराए जाने तक उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
निलंबन अवधि के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही उन्हें पुलिस लाइन बरेली से संबद्ध किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इसके अलावा उन्हें यह प्रमाणित करना होगा कि वे किसी अन्य रोजगार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन बनाए रखने और लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय जांच पूरी होने के बाद दोष सिद्ध होने पर दोनों उप निरीक्षकों के खिलाफ आगे की कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी विवेचकों और थाना प्रभारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा उच्चाधिकारियों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। बरेली पुलिस का कहना है कि आम जनता को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाने के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है और इसी उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।


