बरेली । भोजीपुरा। श्रीराम मूर्ति स्मारक (SRMS) मेडिकल कॉलेज में रैगिंग और कथित उत्पीड़न से परेशान एमडी मेडिसिन के प्रथम वर्ष के छात्र डॉ. आशु पाराशर ने कॉलेज की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल छात्र का इलाज कराया गया और उनकी जान बच गई। मामले में छात्र के पिता की शिकायत पर भोजीपुरा थाने में कॉलेज प्रबंधन सहित चार डॉक्टरों और कुछ अज्ञात छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिजनौर निवासी डॉ. आशु पाराशर को प्रवेश के बाद से ही सीनियर डॉक्टरों और छात्रों द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उनसे निजी कार्य कराए जाते थे तथा 40-40 घंटे तक बिना ब्रेक ड्यूटी कराई जाती थी। शिकायत के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आरोप है कि डॉ. आशु ने विभागाध्यक्ष से शिकायत की, लेकिन उन्हें दूसरे डॉक्टर के पास भेज दिया गया और मामला दबा दिया गया। लगातार मानसिक दबाव और उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने मई माह में कॉलेज भवन की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी।
घटना के बाद होश में आने पर छात्र ने अपने पिता को पूरी आपबीती बताई। शिकायत में सीनियर डॉक्टर डॉ. रितेश गोयल, डॉ. कुशाग्र शर्मा, डॉ. मानस खंडेलवाल, डॉ. तितिक्षा समेत अन्य छात्रों पर रैगिंग और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
पीड़ित के पिता सुधीर पाराशर का कहना है कि उन्होंने कॉलेज प्रिंसिपल और प्रबंधन को डाक के माध्यम से भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे को ड्यूटी के दौरान गाली-गलौज, अपमानजनक टिप्पणियों और भोजन तक से वंचित किया जाता था। यहां तक कि चोटिल होने के बावजूद जूते बदलने की अनुमति नहीं दी गई।
भोजीपुरा पुलिस ने मामले की जांच के बाद नामजद आरोपियों और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


