Homeउत्तर प्रदेशछावनी परिषद की बोर्ड बैठक में विकास की नई दिशा

छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में विकास की नई दिशा

नकटिया नदी को “नाथ गंगा” के रूप में विकसित करने पर मंथन, जल संरक्षण से लेकर शिक्षा-स्वास्थ्य और सुरक्षा तक कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा

बरेली। छावनी परिषद बरेली की बोर्ड बैठक में छावनी क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जहां नदियों और जलस्रोतों के संरक्षण तथा भूजल को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया गया, वहीं स्वच्छ पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और कर्मचारी कल्याण से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा के प्रमुख केंद्र रहे।

बैठक में ब्रिगेडियर ए.पी.एस. भदौरिया, एस.एम., अध्यक्ष छावनी परिषद (PCB), डॉ. तनु जैन, मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO), डॉ. वैभव जायसवाल, नामित सदस्य तथा माननीय विधायक संजीव अग्रवाल उपस्थित रहे।

बैठक में प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करते हुए छावनी क्षेत्र में विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

नकटिया नदी को मिलेगा “नाथ गंगा” का स्वरूप

बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय नकटिया नदी के पुनर्जीवन और संरक्षण से संबंधित रहा। नदी को स्वच्छ बनाने, उसके पारिस्थितिक महत्व को बनाए रखने तथा जनभागीदारी के माध्यम से उसके संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नकटिया नदी को “नाथ गंगा” के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया।

नदी संरक्षण के साथ-साथ आसपास के पर्यावरणीय क्षेत्र को बेहतर बनाने और जल स्रोत को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण माना गया। बैठक में नदी की स्वच्छता, संरक्षण और पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

धोपेश्वर नाथ सरोवर के पुनर्जीवन पर भी जोर

धोपेश्वर नाथ मंदिर स्थित सरोवर को बेहतर बनाने से जुड़े प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सरोवर की व्यापक सफाई, जल गुणवत्ता में सुधार, पुनर्जीवन तथा परिसर के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण से जुड़े कार्यों पर विचार किया गया।

जलस्रोतों के संरक्षण के साथ उनके आसपास के वातावरण को बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक कार्य किए जाने पर जोर दिया गया।

भूजल की स्थिति का होगा वैज्ञानिक अध्ययन

छावनी क्षेत्र में जल संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव Electrical Resistivity Tomography (ERT) Survey से संबंधित रहा। वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से भूजल की गहराई, संभावित Aquifer Zones, जलधारी परतों तथा संभावित Groundwater Recharge Areas की पहचान किए जाने पर विचार किया गया।

इस प्रकार के वैज्ञानिक अध्ययन से क्षेत्र में भूजल की उपलब्धता और संभावित जल पुनर्भरण क्षेत्रों को समझने में मदद मिल सकती है। इसके आधार पर भविष्य में जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन की योजनाओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जा सकेगा।

स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान

बैठक में सदर बाजार और आर.ए. बाजार वाटर वर्क्स स्थित Overhead Tanks (OHTs) की सफाई एवं कीटाणुशोधन कराने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।

पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जल टंकियों की नियमित सफाई और उचित रखरखाव को महत्वपूर्ण माना गया। नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया गया।

CCTV से मजबूत होगी सार्वजनिक सुरक्षा

छावनी क्षेत्र में सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से फूल बाग एवं आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में CCTV कैमरे लगाए जाने के प्रस्ताव पर विचार किया गया।

CCTV निगरानी के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों की मॉनिटरिंग को बेहतर बनाने तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा हुई।

छावनी विद्यालयों में बेहतर होगा शैक्षणिक वातावरण

बैठक में छावनी परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्माण एवं मरम्मत कार्यों तथा मूलभूत सुविधाओं के उन्नयन से संबंधित प्रस्तावों पर विचार किया गया।

विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने और संस्थानों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया।

छावनी सामान्य अस्पताल के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा

छावनी सामान्य अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक मरम्मत, रखरखाव और चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।

अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने और मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

कर्मचारियों के हितों से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल

बोर्ड बैठक में कर्मचारी कल्याण को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। पात्र Group-D कर्मचारियों को नियमानुसार Assured Career Progression (ACP) का लाभ प्रदान करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया।

इसके साथ ही 10 Group-D स्टाफ क्वार्टरों की आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इससे संबंधित कर्मचारियों के आवासीय ढांचे के रखरखाव को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किए जाने की बात सामने आई।

परिषद की व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर

छावनी परिषद की विभिन्न शाखाओं, संस्थानों और जनसुविधाओं के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सामग्री एवं उपकरणों की खरीद से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि परिषद की विभिन्न सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें, जिससे नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।

जल संरक्षण से लेकर नागरिक सुविधाओं तक व्यापक एजेंडा

छावनी परिषद की इस बोर्ड बैठक में सामने आए प्रस्तावों से स्पष्ट हुआ कि विकास का एजेंडा केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरणीय संरक्षण, स्वच्छ पेयजल, भूजल प्रबंधन, नदी एवं सरोवरों के पुनर्जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक सुरक्षा और कर्मचारी कल्याण जैसे विषयों को भी इसमें शामिल किया गया।

बैठक में संबंधित कार्यों को नियमानुसार आगे बढ़ाने तथा छावनी क्षेत्र की नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने पर बल दिया गया। विशेष रूप से नकटिया नदी को “नाथ गंगा” के रूप में विकसित करने, धोपेश्वर नाथ सरोवर के पुनर्जीवन और वैज्ञानिक तरीके से भूजल की स्थिति का अध्ययन करने जैसे प्रस्तावों को जल एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।

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