Homeउत्तर प्रदेशलाल फाटक में वाडो काई कराटे एसोसिएशन द्वारा कलर बेल्ट टेस्ट संपन्न,...

लाल फाटक में वाडो काई कराटे एसोसिएशन द्वारा कलर बेल्ट टेस्ट संपन्न, बच्चों को बेल्ट व प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

आर्मी जवान नितिन कुमार ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह, विशिष्ट अतिथि ज्योति चौधरी ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण को बताया समय की जरूरत; रुद्र प्रताप सिंह ने हासिल की येलो बेल्ट

 

बरेली। लाल फाटक स्थित विमल लॉन में वाडो काई कराटे एसोसिएशन की ओर से बच्चों का कलर बेल्ट टेस्ट आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग करते हुए अपनी कराटे तकनीक, अनुशासन, एकाग्रता और नियमित अभ्यास का प्रदर्शन किया। बेल्ट टेस्ट में सफल बच्चों को बेल्ट एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को आत्मरक्षा का महत्व समझाने के साथ ही उन्हें खेलकूद, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आर्मी जवान नितिन कुमार ने बच्चों को बेल्ट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। वहीं विशिष्ट अतिथि श्रीमती ज्योति चौधरी ने रुद्र प्रताप सिंह को येलो बेल्ट एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। येलो बेल्ट प्राप्त करने पर कराटे क्लास के बच्चों साक्षी शर्मा, संस्कृति शर्मा, जया और अनुराधा ने रुद्र प्रताप सिंह को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

आत्मरक्षा के लिए कराटे प्रशिक्षण आज की जरूरत : ज्योति चौधरी

 

विशिष्ट अतिथि श्रीमती ज्योति चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में लड़कियों और महिलाओं के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। स्कूल, कॉलेज या अन्य स्थानों पर आते-जाते समय छात्राओं को कभी-कभी छेड़छाड़ जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कराटे का प्रशिक्षण उन्हें आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करने और अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने में मदद करता है।

 

उन्होंने कहा कि कराटे केवल अपनी रक्षा करने की कला नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरों की सहायता करने और उन्हें सुरक्षित रखने की भावना भी विकसित करता है। प्रत्येक छात्र-छात्रा को पढ़ाई के साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी लेना चाहिए, ताकि वे जागरूक, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बन सकें।

 

कराटे से बढ़ता है आत्मविश्वास और अनुशासन : नितिन कुमार

 

मुख्य अतिथि आर्मी जवान नितिन कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि कराटे प्रशिक्षण लड़के और लड़कियों, दोनों के लिए उपयोगी है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, एकाग्रता और शारीरिक क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों में भी नियमित रूप से भाग लेना चाहिए।

 

उन्होंने बच्चों को नियमित अभ्यास करने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और जीवन में अनुशासन अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कराटे का उद्देश्य केवल बेल्ट हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाना तथा उनमें आत्मसंयम, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।

 

पंच, किक और ब्लॉक तकनीकों का दिया प्रशिक्षण

 

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं मुख्य कराटे प्रशिक्षक शिहान बाबूराम सिंह ने बच्चों को कराटे की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने पंच, किक और ब्लॉक के सही तरीके समझाते हुए बताया कि सामने से आने वाले प्रहार से बचाव कैसे किया जाता है और आत्मरक्षा के दौरान किन तकनीकों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने बच्चों को समझाया कि कराटे में तकनीक के साथ सही समय, संतुलन, नियंत्रण और अनुशासन का भी विशेष महत्व है।

 

शिहान बाबूराम सिंह ने कहा कि बच्चों को कराटे का अभ्यास प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में अपनी उम्र और क्षमता के अनुसार करना चाहिए। नियमित प्रशिक्षण से शरीर का संतुलन, लचीलापन, समन्वय और एकाग्रता बेहतर करने में मदद मिलती है। आत्मरक्षा की तकनीकों का अभ्यास जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना जरूरी है।

 

मोबाइल की बढ़ती आदत के बीच खेलकूद और व्यायाम पर जोर

 

शिहान बाबूराम सिंह ने कहा कि आजकल बच्चों का काफी समय मोबाइल फोन और अन्य स्क्रीन पर बीत रहा है, जिसके कारण उनकी शारीरिक गतिविधियां कम हो सकती हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की दिनचर्या में खेलकूद, व्यायाम और कराटे प्रशिक्षण को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

 

उन्होंने बताया कि नियमित शारीरिक गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखने, फिटनेस सुधारने और स्वस्थ दिनचर्या विकसित करने में सहायक होती हैं। कराटे प्रशिक्षण के साथ उचित खानपान और नियमित अभ्यास अपनाने से वजन को स्वस्थ सीमा में बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल का समय संतुलित रखें और उन्हें मैदान में खेलने तथा शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें।

 

संतुलित खानपान और नियमित दिनचर्या भी जरूरी

 

प्रशिक्षक बाबूराम सिंह ने कहा कि स्वस्थ शरीर और बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित प्रशिक्षण के साथ संतुलित खानपान तथा पर्याप्त आराम भी जरूरी है। बच्चों को दूध, दही, दाल, चना, फल, हरी सब्जियां और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ अपने भोजन में शामिल करने चाहिए। साथ ही समय पर सोने, नियमित दिनचर्या अपनाने और जंक फूड का अत्यधिक सेवन करने से बचने की आदत विकसित करनी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि बच्चों को कठिन अभ्यास एकदम शुरू कराने के बजाय धीरे-धीरे उनकी क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण देना चाहिए। इससे वे सुरक्षित तरीके से अपनी तकनीक में सुधार कर सकते हैं और खेल के प्रति रुचि बनाए रख सकते हैं।

 

बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण है कराटे

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना, उनमें अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाना तथा खेलकूद के प्रति रुचि विकसित करना रहा। वाडो काई कराटे एसोसिएशन की ओर से बच्चों को नियमित अभ्यास जारी रखने और भविष्य में खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

 

कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह और उनकी भागीदारी देखने को मिली। आयोजकों ने संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ खेलकूद और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित अभ्यास, सही मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से बच्चे अपनी प्रतिभा को निखारकर भविष्य में नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments