Homeउत्तर प्रदेशनकटिया नदी के पुनर्जीवन की दिशा में बरेली छावनी ने बढ़ाया कदम

नकटिया नदी के पुनर्जीवन की दिशा में बरेली छावनी ने बढ़ाया कदम

बरेली। राष्ट्रीय जल संरक्षण एवं नदी पुनर्जीवन की दिशा में बरेली छावनी परिषद ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसी क्रम में बरेली छावनी परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ नकटिया नदी के विभिन्न हिस्सों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान नदी की मौजूदा स्थिति, प्लास्टिक एवं ठोस कचरे का जमाव, जल प्रवाह, संभावित प्रदूषण स्रोतों तथा नदी किनारे उपलब्ध क्षेत्रों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने नकटिया नदी के दीर्घकालिक और वैज्ञानिक पुनर्जीवन को लेकर विस्तृत चर्चा भी की।

डॉ. तनु जैन ने कहा कि नदी पुनर्जीवन केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़ा दीर्घकालिक प्रयास है। नकटिया नदी को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

नकटिया नदी पुनर्जीवन की प्रस्तावित कार्ययोजना

पहला चरण — Plastic Free Nakatia

नकटिया नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

दूसरा चरण — तीन चरणों में स्वच्छता अभियान

नदी के चिन्हित हिस्सों में तीन बड़े सफाई अभियान चलाकर प्लास्टिक और ठोस कचरे को हटाया जाएगा। प्रत्येक अभियान में कचरे की मात्रा, स्थान और प्रकार का वैज्ञानिक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

तीसरा चरण — Scientific Mapping

नदी के चिन्हित क्षेत्र की GIS आधारित मैपिंग कराई जाएगी। इसमें नदी का प्रवाह, नालों के प्रवेश बिंदु, कचरा हॉटस्पॉट, प्रदूषण स्रोत, जलभराव वाले क्षेत्र और संभावित पुनर्जीवन स्थलों को चिन्हित किया जाएगा।

चौथा चरण — Water Quality Assessment

नदी के अलग-अलग बिंदुओं से जल के नमूने लेकर वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा। इससे नदी में प्रदूषण की वास्तविक स्थिति और उसके प्रमुख कारणों का आकलन किया जा सकेगा।

पांचवां चरण — Bio-remediation

प्रदूषित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर बायो-रिमेडिएशन, प्राकृतिक फिल्ट्रेशन, उपयुक्त देशज जलीय एवं तटीय वनस्पतियों तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का पायलट प्रयोग किया जाएगा।

छठा चरण — Nakatia River Rejuvenation DPR

सफाई, मैपिंग, जल गुणवत्ता अध्ययन और बायो-रिमेडिएशन के परिणामों के आधार पर नकटिया नदी पुनर्जीवन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। इसके बाद परियोजना को वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग के लिए जल शक्ति मंत्रालय और नमामि गंगे कार्यक्रम के समक्ष प्रस्तुत करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

डॉ. तनु जैन ने कहा कि लक्ष्य केवल नकटिया नदी से कचरा हटाना नहीं, बल्कि इसे एक स्वच्छ, स्वस्थ और जीवंत नदी के रूप में पुनर्स्थापित करना है। इसके लिए “Clean → Map → Test → Bio-remediate → Restore” के सिद्धांत पर कार्य किया जाएगा।

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