
बरेली। जिस पुलिस से एक महिला ने अपने वैवाहिक विवाद में न्याय की उम्मीद की थी, उसी विभाग के एक उपनिरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि पति से विवाद के दौरान मदद का भरोसा देने वाले दरोगा ने पहले उसका विश्वास जीता और फिर शादी का झांसा देकर उसका कथित तौर पर शारीरिक व मानसिक शोषण किया।
थाना बारादरी क्षेत्र निवासी महिला ने डीजीपी को भेजे शिकायती पत्र में बताया है कि वर्ष 2022 से उसका अपने पति के साथ विवाद चल रहा है। इसी मामले के सिलसिले में थाने आने-जाने के दौरान उसकी मुलाकात संबंधित उपनिरीक्षक से हुई। आरोप है कि दरोगा ने न्याय दिलाने और कार्रवाई कराने का भरोसा देकर उससे लगातार संपर्क बनाए रखा और बाद में शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए।
महिला का आरोप है कि जब उसने शादी की बात दोबारा उठाई तो आरोपी दरोगा ने उससे दूरी बना ली। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई और झूठे मुकदमे में फंसाने की बात भी कही गई। इतना ही नहीं, महिला ने आरोपी के परिजनों पर भी अभद्रता करने और धमकाने का आरोप लगाया है।
पीड़िता का कहना है कि पूरे घटनाक्रम ने उसे मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया है। उसने अपने प्रार्थना पत्र में कई घटनाओं का जिक्र करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और आरोपी उपनिरीक्षक सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील की है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और उनकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अगर शिकायत में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो यह सिर्फ एक महिला के भरोसे के साथ विश्वासघात नहीं, बल्कि खाकी की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला होगा।


