
पीड़ित ने एसएसपी से की शिकायत, रकम वापस दिलाने और मामले की जांच कराने की मांग
बरेली। इज्जतनगर थाने में दर्ज एक मुकदमे की विवेचना कर रहे दरोगा इंद्रपाल सिंह पर 20 हजार रुपये लेने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने और मुकदमे में कथित तौर पर फाइनल रिपोर्ट लगाने का आरोप लगा है। इस संबंध में शिकायतकर्ता फईम पुत्र एजाज अहमद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है।
शिकायत पत्र के मुताबिक, मामला इज्जतनगर थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 143/24 से संबंधित है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुकदमे की विवेचना के दौरान दरोगा इंद्रपाल सिंह ने उससे कहा कि यदि वह आरोपियों को जेल भिजवाना चाहता है तो उसे 50 हजार रुपये खर्च करने होंगे। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला दिया, जिसके बाद कथित तौर पर 20 हजार रुपये देने पर सहमति बनी।
फईम का आरोप है कि उसने अपने वकील के साथ जाकर वकील के चैंबर में दरोगा को 20 हजार रुपये नकद दिए। इसके बावजूद कई दिन बीतने पर भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उसने दरोगा से कार्रवाई के बारे में पूछा तो उसे कथित तौर पर टाल दिया गया।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि मुकदमे में अदालत में विचाराधीन होने के बावजूद फाइनल रिपोर्ट लगाए जाने की जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ता ने अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि दरोगा ने रुपये लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन कई बार मांगने के बाद भी रकम वापस नहीं की। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि उसे बाद में दरोगा के दूसरे जिले में स्थानांतरित होने की जानकारी मिली।
शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दरोगा के खिलाफ आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई करने और उसके 20 हजार रुपये वापस दिलाने की मांग की है।


