
जनसेवा केंद्र संचालक पर 43,725 रुपये की कथित धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप, महिला बोली—बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं मिला न्याय
बरेली। जिले के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़िया अहमद नगर की रहने वाली दलित महिला शीला देवी ने जनसेवा केंद्र संचालक उमेश पाल और उसकी पत्नी पूजा मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि उसके खाते से कथित तौर पर फर्जी यूपीआई के जरिए 43,725.46 रुपये निकाले गए। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर वह कई बार अधिकारियों के कार्यालय पहुंच चुकी है, लेकिन उसके मुताबिक अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
शीला देवी के अनुसार, वह इस मामले की शिकायत लेकर तीन से चार बार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय और तीन से चार बार जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय जा चुकी है। महिला का कहना है कि वह दोबारा भी जिलाधिकारी के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंची, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिला है। ऐसे में उसका सवाल है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान आखिर कब होगा?
खाते से रुपये निकलने का आरोप
महिला ने बताया कि जनसेवा केंद्र संचालक के यहां बैंक संबंधी काम कराने के दौरान उसके खाते से अलग-अलग तारीखों में रुपये निकाले गए। शिकायत के मुताबिक, 2 सितंबर 2026, 7 सितंबर 2026 और 8 सितंबर 2026 को कई लेनदेन के जरिए कुल 43,725.46 रुपये निकाले जाने का आरोप है। महिला का दावा है कि जानकारी होने पर जब उसने केंद्र संचालक से सवाल किया तो उसके साथ अभद्रता की गई और धमकी दी गई।
दलित महिला ने उमेश पाल और उसकी पत्नी पर परेशान करने ओर जातीसूचक शब्द बोलने आरोप लगाया है। हालांकि, रुपये निकाले जाने, कथित फर्जी यूपीआई और धमकी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
बार-बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई का इंतजार
शीला देवी का कहना है कि वह अपनी फरियाद लेकर लगातार अधिकारियों के पास जा रही है। एसएसपी और डीएम कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का उनका दावा प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। एक महिला यदि बार-बार शिकायत लेकर अधिकारियों तक पहुंच रही है, तो उसकी शिकायत की जांच और उस पर हुई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
हिस्ट्रीशीटर विशाल उर्फ जमुना उमेश के साथ मिलकर महिला का जान से मारने की भी धमकी देता है
महिला ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में मामले की जांच कराने, संबंधित जनसेवा केंद्र संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और केंद्र बंद कराने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि महिला की शिकायत पर जांच कहां तक पहुंची? क्या बैंक लेनदेन और यूपीआई से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कराई गई है? शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है? इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों की ओर से मिलना बाकी है।
फिलहाल, मामले में महिला के आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना जरूरी है।


