तिलहर की आईजी अकादमी में आयोजित मंडलीय कराटे चैंपियनशिप में बरेली के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, सोनम, शिवांश, पवित्र और रुद्र प्रताप ने जीते स्वर्ण पदक, आयुष ने हासिल किया रजत पदक।
शाहजहांपुर/बरेली। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद के तिलहर स्थित आईजी अकादमी में वाडो काई कराटे एसोसिएशन के तत्वावधान में मंडलीय कराटे चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न जनपदों से पहुंचे खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी खेल प्रतिभा, तकनीक और दमखम का प्रदर्शन किया। चैंपियनशिप में बरेली के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण पदक और एक रजत पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से उनके परिजनों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई।

प्रतियोगिता में बरेली के खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। कड़े मुकाबलों के बीच खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिचय देते हुए पदक अपने नाम किए। चार स्वर्ण और एक रजत पदक की इस उपलब्धि को बरेली के कराटे खिलाड़ियों की मेहनत और बेहतर प्रशिक्षण का परिणाम माना जा रहा है।
मुख्य अतिथि ने फीता काटकर किया प्रतियोगिता का शुभारंभ
मंडलीय कराटे चैंपियनशिप का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने फीता काटकर किया। इस दौरान खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी होता है। खिलाड़ियों को पूरी लगन और ईमानदारी के साथ अभ्यास करना चाहिए, ताकि वे भविष्य में जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
कार्यक्रम के डायरेक्टर अमित सिंह ने कहा कि कराटे केवल आत्मरक्षा की कला नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का भी एक प्रभावी माध्यम है। नियमित अभ्यास से बच्चों की शारीरिक क्षमता, एकाग्रता, अनुशासन और आत्मविश्वास में सुधार होता है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
बरेली के खिलाड़ियों ने जीते चार स्वर्ण और एक रजत पदक
मंडलीय कराटे चैंपियनशिप में बरेली के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल पांच पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता में चार खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जबकि एक खिलाड़ी ने रजत पदक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया।
बरेली के पदक विजेता खिलाड़ियों के नाम इस प्रकार हैं—
🥇 सोनम यादव — स्वर्ण पदक
🥇 शिवांश यादव — स्वर्ण पदक
🥇 पवित्र पांडे — स्वर्ण पदक
🥇 रुद्र प्रताप सिंह — स्वर्ण पदक
🥈 आयुष यादव — रजत पदक
इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, निरंतर अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण के दम पर यह उपलब्धि हासिल की। चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर बरेली के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
खिलाड़ियों की इस सफलता से अन्य बच्चों को भी कराटे सीखने और खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, नियमित प्रशिक्षण और आत्मविश्वास के साथ खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से निखार सकते हैं।
मुख्य अतिथि कर्नल आनंद शर्मा ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित
प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि कर्नल आनंद शर्मा का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर विजेता खिलाड़ियों को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वाले कोचों का भी सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण आवश्यक है। खिलाड़ियों को अपनी सफलता से प्रेरणा लेकर भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए भी मेहनत जारी रखनी चाहिए।
उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजन से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल रहा।
रेफरी पैनल में मोहम्मद नासिर और शिहान बाबूराम सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका
मंडलीय कराटे प्रतियोगिता के सफल आयोजन में रेफरी पैनल की भी अहम भूमिका रही। प्रतियोगिता के रेफरी पैनल में मोहम्मद नासिर और शिहान बाबूराम सिंह शामिल रहे। दोनों ने प्रतियोगिता के दौरान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए मुकाबलों को निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कराटे प्रतियोगिताओं में रेफरी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन करना और मुकाबलों को खेल के नियमों के अनुरूप संचालित करना प्रतियोगिता की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। रेफरी पैनल की सक्रिय भूमिका से प्रतियोगिता के संचालन में सहयोग मिला।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शिहान बाबूराम सिंह के मार्गदर्शन में तैयार हुए खिलाड़ी
बरेली के खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे उनके नियमित अभ्यास और प्रशिक्षक के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं मुख्य कराटे प्रशिक्षक शिहान बाबूराम सिंह ने बताया कि बच्चे काफी समय से प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे थे। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों की तकनीक, गति, संतुलन, एकाग्रता और आत्मविश्वास पर विशेष ध्यान दिया गया।
उन्होंने कहा कि किसी भी खेल में सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत, अनुशासन और धैर्य बेहद जरूरी हैं। खिलाड़ियों को लगातार अभ्यास करना चाहिए और हर प्रतियोगिता से कुछ नया सीखने का प्रयास करना चाहिए।
शिहान बाबूराम सिंह ने कहा कि बरेली के बच्चों ने अपनी मेहनत और लगन से शानदार प्रदर्शन किया है। चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीतना खिलाड़ियों के लिए गर्व की बात है। बच्चों की इस उपलब्धि से उनके माता-पिता और प्रशिक्षकों का भी उत्साह बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने में प्रशिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण होता है। यदि बच्चों को सही समय पर उचित प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर मिलें, तो वे खेल के क्षेत्र में बेहतर उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर खेलों और फिटनेस के प्रति करें प्रेरित
मुख्य प्रशिक्षक शिहान बाबूराम सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल फोन और स्क्रीन पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने के बजाय खेलकूद तथा शारीरिक गतिविधियों के लिए भी प्रोत्साहित करें।
उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों की दिनचर्या में पढ़ाई के साथ-साथ खेल और व्यायाम को भी उचित स्थान मिलना चाहिए। कराटे जैसे खेल बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करने में सहायक हैं।
उन्होंने अभिभावकों को संदेश देते हुए कहा कि बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार खेलों में भाग लेने के अवसर देने चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधियों से बच्चे सक्रिय रहते हैं और उनमें टीम भावना तथा चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि कराटे प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से मजबूत और अनुशासित बनाना भी है।
बरेली लौटने पर खिलाड़ियों के परिवारों में खुशी का माहौल
मंडलीय कराटे चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सफलता से उनके परिवारों में खुशी का माहौल रहा। चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने की उपलब्धि ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। परिजनों ने बच्चों की मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी तरह आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
बरेली के इन पांच खिलाड़ियों ने अपनी उपलब्धि से यह संदेश दिया कि निरंतर अभ्यास, उचित मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से खेल के क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।


