Homeउत्तर प्रदेशआठ साल की उम्र में दर्शिता शर्मा ने हासिल की कराटे की...

आठ साल की उम्र में दर्शिता शर्मा ने हासिल की कराटे की ब्लैक बेल्ट

चार साल की उम्र से कराटे का अभ्यास, कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर हासिल किया मुकाम; किक बॉक्सिंग में भी जीत चुकी हैं स्टेट लेवल गोल्ड मेडल

काशीपुर। छोटी उम्र में बड़े सपने देखने वाली काशीपुर की उभरती हुई बाल कराटे खिलाड़ी दर्शिता शर्मा ने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर महज आठ वर्ष की उम्र में कराटे की ब्लैक बेल्ट हासिल कर खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। देहरादून में आयोजित कराटे कार्यक्रम के दौरान दर्शिता को आधिकारिक रूप से ब्लैक बेल्ट से सम्मानित किया गया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, कोच और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है।

दर्शिता ने देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में कराटे की आवश्यक परीक्षा एवं मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए ब्लैक बेल्ट का प्रतिष्ठित स्तर हासिल किया। Karate India Organisation के जनरल सेक्रेटरी माननीय संजीव जांगड़ा के कर-कमलों द्वारा दर्शिता को ब्लैक बेल्ट प्रदान की गई। यह पल दर्शिता और उनके परिवार के लिए बेहद खास रहा। ब्लैक बेल्ट प्राप्त करते समय दर्शिता के चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी साफ दिखाई दी।

चार वर्ष की उम्र से शुरू किया कराटे का सफर

दर्शिता शर्मा ने महज चार वर्ष की उम्र में कराटे का प्रशिक्षण शुरू किया था। इतनी छोटी उम्र से शुरू हुआ उनका सफर लगातार अभ्यास और मेहनत के साथ आगे बढ़ता गया। पिछले चार वर्षों के दौरान उन्होंने कराटे की विभिन्न तकनीकों, फिटनेस, अनुशासन और प्रतियोगिताओं की तैयारी पर लगातार मेहनत की।

दर्शिता की इस उपलब्धि में उनके कोच मिंटू सैनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कोच के मार्गदर्शन में दर्शिता ने नियमित प्रशिक्षण के साथ कठिन अभ्यास किया और हर स्तर पर खुद को बेहतर बनाने का प्रयास किया। कोच मिंटू सैनी ने दर्शिता की मेहनत और सीखने की क्षमता को लगातार प्रोत्साहित किया, जिसका परिणाम आज ब्लैक बेल्ट के रूप में सामने आया है।

चेतन भट्ट ने दी बधाई

दर्शिता को ब्लैक बेल्ट प्रदान किए जाने के अवसर पर उनके कोच मिंटू सैनी के साथ एशियन गेम्स 2026 की भारतीय टीम में प्रतिनिधित्व करने वाले कराटे खिलाड़ी चेतन भट्ट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। चेतन भट्ट ने दर्शिता को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आगे भी इसी तरह मेहनत जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर मौजूद लोगों ने कहा कि इतनी कम उम्र में ब्लैक बेल्ट हासिल करना दर्शिता की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। ब्लैक बेल्ट केवल एक उपलब्धि नहीं बल्कि लंबे समय तक किए गए अनुशासित प्रशिक्षण और लगातार सीखने की प्रक्रिया का परिणाम है।

किक बॉक्सिंग में भी स्टेट लेवल पर गोल्ड

दर्शिता शर्मा की प्रतिभा केवल कराटे तक सीमित नहीं है। वह किक बॉक्सिंग में भी स्टेट लेवल पर गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी हैं। कराटे और किक बॉक्सिंग दोनों में उनकी रुचि और बेहतर प्रदर्शन उनकी बहुमुखी खेल प्रतिभा को दर्शाता है।

कम उम्र में मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में लगातार उपलब्धियां हासिल कर रही दर्शिता अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। नियमित खेल प्रशिक्षण से उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, एकाग्रता और फिटनेस को बढ़ावा मिल रहा है।

माता-पिता ने जताई खुशी

दर्शिता की ब्लैक बेल्ट उपलब्धि पर उनके माता-पिता बेहद खुश हैं। परिवार का कहना है कि बेटी ने कम उम्र में जिस तरह मेहनत और लगन के साथ यह मुकाम हासिल किया है, वह पूरे परिवार के लिए गर्व की बात है। परिवार ने दर्शिता के कोच मिंटू सैनी का भी आभार जताया, जिनके मार्गदर्शन में दर्शिता ने लगातार प्रशिक्षण प्राप्त किया।

दर्शिता की सफलता की खबर सामने आने के बाद काशीपुर के खेल प्रेमियों और परिचितों ने उन्हें बधाई दी। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में दर्शिता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी।

मेहनत और अनुशासन बनी सफलता की पहचान

दर्शिता शर्मा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के साथ छोटी उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। चार वर्ष की उम्र से शुरू हुआ उनका कराटे सफर आठ वर्ष की उम्र में ब्लैक बेल्ट तक पहुंच गया है। अब उनकी नजरें आगे की प्रतियोगिताओं और नए मुकाम हासिल करने पर हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments