आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सहायता पहुंचाना जरूरी, हृदय स्वास्थ्य को लेकर किया जागरूक
बरेली। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर आज बरेली कैंट स्थित कैंट जनरल हॉस्पिटल में इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेसियोलॉजिस्ट की ओर से CPR प्रशिक्षण एवं हृदय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ अचानक उत्पन्न होने वाली चिकित्सकीय आपात स्थिति में प्राथमिक सहायता और CPR की उपयोगिता के बारे में जानकारी देना रहा।

कार्यक्रम के दौरान कैंट जनरल हॉस्पिटल की डॉक्टर बंदना ने हृदय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि हमारा हृदय पूरे शरीर में रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करता है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खान-पान, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना आवश्यक है। उन्होंने लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं बरतने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए जागरूक किया।
CPR की जानकारी को बताया महत्वपूर्ण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन के महत्व पर जानकारी दी गई। बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक ऐसी स्थिति हो जाए जिसमें वह सामान्य रूप से प्रतिक्रिया न दे रहा हो और सांस लेने में गंभीर समस्या हो, तो तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाना बेहद जरूरी है। ऐसी स्थिति में प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा CPR देने से चिकित्सा सहायता पहुंचने तक जीवन बचाने की संभावना बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी समझाया गया कि किसी सड़क, स्कूल, बाजार, घर या सार्वजनिक स्थान पर अचानक कोई व्यक्ति गंभीर आपात स्थिति में दिखाई दे तो लोग घबराने के बजाय आसपास के लोगों की सहायता लें और तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए संपर्क करें। यदि CPR का प्रशिक्षण प्राप्त है तो प्रशिक्षित तरीके से प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता देना महत्वपूर्ण हो सकता है।
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान पर जोर
कार्यक्रम में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार के महत्व पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को उचित मात्रा में शामिल करना चाहिए। अत्यधिक तला-भुना भोजन, अधिक नमक, अत्यधिक चीनी और असंतुलित खान-पान से बचने की सलाह दी गई।
इसके साथ ही नियमित रूप से पैदल चलने, व्यायाम अथवा अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधि करने पर भी जोर दिया गया। लंबे समय तक बैठे रहने और शारीरिक गतिविधि की कमी को कम करने की सलाह दी गई।
तनाव और जीवनशैली पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी आदतों पर भी चर्चा हुई। लगातार तनाव, अनियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद का अभाव और शारीरिक गतिविधि की कमी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसलिए स्वस्थ दिनचर्या अपनाने, पर्याप्त आराम करने और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
आरएन टैगोर इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य ने किया सम्मान
कार्यक्रम में आरएन टैगोर इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य बंदना मिश्रा ने भी सहभागिता की। उन्होंने डॉक्टर को पौधा भेंट कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता और CPR प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ के लिए उपयोगी बताया।
विद्यालय के स्टाफ ने भी प्रशिक्षण में रुचि लेकर हृदय स्वास्थ्य तथा आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक सहायता से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान स्टाफ को बताया गया कि किसी भी आपात परिस्थिति में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है और सही समय पर उठाया गया उचित कदम मरीज को चिकित्सा सहायता मिलने तक महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर CPR जागरूकता की जरूरत
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि CPR और प्राथमिक सहायता की जानकारी केवल स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। स्कूलों, कार्यालयों, संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों को बुनियादी जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी मिलना उपयोगी है। इससे आपात स्थिति में लोग घबराने के बजाय उचित सहायता के लिए तेजी से क
दम उठा सकते हैं।


