Homeउत्तर प्रदेशमेरे सपनों का भारत–विकसित भारत 2047’ में दिखी विद्यार्थियों की प्रतिभा

मेरे सपनों का भारत–विकसित भारत 2047’ में दिखी विद्यार्थियों की प्रतिभा

चित्रकला, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साह से लिया हिस्सा, देश के उज्ज्वल भविष्य की रखी कल्पना

चौड़ेरा (बदायूँ)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, चौड़ेरा में “मेरे सपनों का भारत–विकसित भारत 2047” विषय पर चित्रकला, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिता का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, रचनात्मकता और देशभक्ति की भावना के साथ प्रतिभाग करते हुए वर्ष 2047 के भारत की अपनी कल्पना को चित्रों, पोस्टरों और प्रभावशाली भाषणों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य नमो नारायण शंखधार के नेतृत्व में समस्त विद्यालय परिवार तथा नोडल अधिकारी अजमत अली खान के संयोजन में किया गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ना, उनमें राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना तथा उन्हें अपने सपनों और विचारों को रचनात्मक माध्यम से व्यक्त करने के लिए मंच प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निवर्तमान विधायक धर्मेंद्र सिंह शाक्य रहे। विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके साथ मनोज कुमार शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा, सरनाम, बिल्लाल एवं मनोज शाक्य सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे शिक्षक एवं प्रधानाचार्य

कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों ने भी सहभागिता कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जीजीआईसी चौड़ेरा की प्रधानाचार्या श्रीमती मिथलेश यादव, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय से श्रीमती जागृति गुप्ता एवं श्रीमती निकहत बी, राजकीय इंटर कॉलेज निजामपुर से नीरज कुमार रस्तोगी, रामचंद्र मेमोरियल इंटर कॉलेज ककोरा से राजकुमार, गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज लभारी से राजेश चंद्र आर्य तथा रामप्रकाश सोहन देवी मेमोरियल हाई स्कूल खिरिया वाकरपुर से अज्ञेश यादव उपस्थित रहे।

अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए चित्रों और पोस्टरों का अवलोकन किया तथा उनकी रचनात्मक सोच की सराहना की। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में अपने विचारों को सबसे बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का उत्साह दिखाई दिया।

चित्रों में नजर आया 2047 का भारत

चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विकसित भारत की अपनी कल्पना को अलग-अलग विषयों के माध्यम से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक, विज्ञान, डिजिटल प्रगति, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, सामाजिक एकता तथा राष्ट्र की समृद्धि जैसे विषयों को अपनी रचनाओं में स्थान दिया।

कई विद्यार्थियों ने ऐसे भारत की कल्पना प्रस्तुत की जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ स्वच्छ पर्यावरण, बेहतर शिक्षा, रोजगार के अवसर और सामाजिक समरसता को भी महत्व दिया गया हो। उनके चित्रों और पोस्टरों में देश के प्रति प्रेम तथा भविष्य के भारत को लेकर सकारात्मक सोच स्पष्ट दिखाई दी।

भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रखे विचार

भाषण प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने “मेरे सपनों का भारत” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए बताया कि विकसित भारत के निर्माण में युवा पीढ़ी की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों ने शिक्षा, मेहनत, अनुशासन, विज्ञान एवं तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को देश की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया।

विद्यार्थियों ने अपने भाषणों के माध्यम से यह संदेश दिया कि वर्ष 2047 का भारत केवल आर्थिक रूप से मजबूत ही नहीं, बल्कि शिक्षित, स्वच्छ, आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से सक्षम और सामाजिक रूप से सशक्त राष्ट्र होना चाहिए।

युवाओं की भूमिका पर मुख्य अतिथि ने दिया जोर

मुख्य अतिथि धर्मेंद्र सिंह शाक्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आज के विद्यार्थी ही आने वाले समय में देश के विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभालेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर शिक्षा प्राप्त करने, अनुशासन का पालन करने और अपनी प्रतिभा को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सपने और उनकी सोच ही भविष्य के भारत की तस्वीर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक हृदेश चंद्र माथुर सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध मैथ मैजिशियन एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक हृदेश चंद्र माथुर को भी मुख्य अतिथि धर्मेंद्र सिंह शाक्य द्वारा सम्मानित किया गया। उनके शैक्षिक योगदान एवं विद्यार्थियों के बीच गणित को रुचिकर तरीके से प्रस्तुत करने के प्रयासों की सराहना की गई।

सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय परिवार एवं उपस्थित अतिथियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और उनमें मंच पर अपनी बात रखने का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

राष्ट्र निर्माण में योगदान का दिया संदेश

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश की युवा पीढ़ी अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए शिक्षा, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेगी। विद्यार्थियों से राष्ट्र की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।

प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले सभी विद्यार्थियों को विद्यालय परिवार की ओर से शुभकामनाएं दी गईं तथा विजेता प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और देशभक्ति का माहौल बना रहा।

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