कराटे के दांव-पेंच सीखकर छात्राओं में बढ़ रहा आत्मविश्वास, शिक्षा के साथ खेल और स्वास्थ्य पर भी जोर
शाहजहांपुर। राजकीय इंटर कॉलेज अहमदनगर, शाहजहांपुर में छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत कराटे एवं आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार की इस पहल के माध्यम से माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें शारीरिक रूप से मजबूत और आत्मविश्वासी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों के साथ कराटे के बुनियादी दांव-पेंच और शारीरिक अभ्यास कराया जा रहा है। प्रशिक्षक छात्राओं को यह भी समझा रहे हैं कि किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ, आत्मविश्वास और साहस के साथ उसका सामना करना चाहिए। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण छात्राओं को केवल शारीरिक रूप से ही मजबूत नहीं बनाता, बल्कि उनके अंदर आत्मविश्वास, अनुशासन और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करने में सहायक होता है।
प्रधानाचार्य शाहबाज आलम ने कहा कि वर्तमान समय में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और शारीरिक गतिविधियों में भी आगे बढ़ना चाहिए। कराटे जैसी विधा छात्राओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उनमें आत्मविश्वास भी पैदा करती है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं और छात्राओं का जागरूक एवं आत्मनिर्भर होना जरूरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
खेल से मजबूत होगा शरीर, मोबाइल से दूरी जरूरी प्रशिक्षण दे रहे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं मुख्य प्रशिक्षक शिहान बाबूराम सिंह ने कहा कि आज के दौर में बच्चों के लिए खेलकूद और शारीरिक गतिविधियां पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई हैं। मोबाइल फोन और अन्य स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के कारण बच्चों की शारीरिक गतिविधियां कम हो रही हैं। ऐसे में अभिभावकों और विद्यालयों को बच्चों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल का अनावश्यक और अत्यधिक इस्तेमाल करने से बचना चाहिए तथा अपना समय खेल, व्यायाम और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में लगाना चाहिए। लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत आंखों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है, इसलिए बच्चों के स्क्रीन टाइम पर ध्यान देना जरूरी है।
पौष्टिक भोजन से होगा बेहतर शारीरिक विकास
शिहान बाबूराम सिंह ने छात्राओं को स्वस्थ खान-पान के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि खेलकूद और व्यायाम के साथ शरीर को पर्याप्त पौष्टिक आहार मिलना भी जरूरी है। बच्चों के भोजन में दूध, दही, मक्खन, हरी सब्जियां, दालें, चना, मूंग, दलिए और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए नियमित खेलकूद, संतुलित भोजन और पर्याप्त आराम जरूरी है। बच्चों को जंक फूड और अनियमित खान-पान से बचाकर पौष्टिक भोजन की आदत डालनी चाहिए।
आत्मरक्षा के प्रशिक्षण को लेकर छात्राओं में उत्साह राजकीय इंटर कॉलेज अहमदनगर में चल रहे इस प्रशिक्षण को लेकर छात्राओं में उत्साह दिखाई दे रहा है। छात्राएं नियमित रूप से प्रशिक्षण में हिस्सा लेकर आत्मरक्षा की तकनीकों का अभ्यास कर रही हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जहां उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर तत्काल निर्णय लेना पड़ सकता है।


