पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज चौडेरा, बदायूं के प्रधानाचार्य के मार्गदर्शन में छात्राओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण
बदायूं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज चौडेरा, बदायूं के प्रधानाचार्य [प्रधानाचार्य के मार्गदर्शन में छात्राओं को आत्मनिर्भर और आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से संचालित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत कराटे एवं सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करने के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस, सतर्कता और आत्मविश्वास बढ़ाने के गुर सिखाए जा रहे हैं।

इसी क्रम में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज चौडेरा, बदायूं में भी छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान कोच मंन्जू रारी छात्राओं को कराटे की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास करा रहे हैं। छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न तरीके, शारीरिक संतुलन, सतर्कता और मुश्किल परिस्थितियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने का अभ्यास कराया जा रहा है।
कोच मंन्जू रारी ने बताया कि वह लंबे समय से छात्राओं को कराटे एवं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से संचालित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। छात्राओं को किसी भी विपरीत परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और आत्मविश्वास के साथ उसका सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत छात्राएं पूरे उत्साह के साथ कराटे सीख रही हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में छात्राओं को आत्मरक्षा के साथ-साथ शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी आवश्यक है। कराटे केवल आत्मरक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे अनुशासन, एकाग्रता, शारीरिक क्षमता और आत्मविश्वास का भी विकास होता है।
विद्यालय में चल रहे प्रशिक्षण को लेकर छात्राओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नियमित अभ्यास के माध्यम से छात्राएं आत्मरक्षा की तकनीकों को सीखने के साथ ही अपने अंदर आत्मविश्वास और अनुशासन विकसित कर रही हैं। प्रशिक्षकों का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से छात्राओं को न केवल अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूकता मिलेगी, बल्कि वे शारीरिक और मानसिक रूप से भी अधिक सक्षम बनेंगी।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें इतना सक्षम बनाना है कि आवश्यकता पड़ने पर वे अपनी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठा सकें। विद्यालय में दिए जा रहे प्रशिक्षण से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे पूरे उत्साह के साथ कराटे एवं सेल्फ डिफेंस की तकनीकों का अभ्यास कर रही हैं।


