न सड़क, न नाली, न स्ट्रीट लाइट… बारिश में जलभराव से स्कूल जाने वाले बच्चों को भी परेशानी
कॉलोनीवासियों का आरोप—चुनाव के समय वादे, जीत के बाद जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते हैं जनप्रतिनिधि
बरेली। कांधरपुर की गणेश धाम कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव अब लोगों के लिए परेशानी ही नहीं, बल्कि आक्रोश का कारण बनता जा रहा है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि करीब 15 वर्षों से कॉलोनी विकास की राह देख रही है, लेकिन आज तक सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। अनिल शर्मा ने बताया काफी दिक्कत आ रही है
स्थानीय लोगों के मुताबिक बरसात होते ही कॉलोनी के रास्तों पर पानी भर जाता है। कीचड़ और जलभराव के बीच बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है। बुजुर्गों और महिलाओं को भी आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं रात के समय कई रास्तों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
प्रधान और विधायक के बीच फंसी जनता?
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि सड़क और नाली निर्माण की मांग को लेकर वे लंबे समय से प्रधान से गुहार लगा रहे हैं। लोगों के अनुसार, उन्हें विधायक के पास जाने की बात कही जाती है। वहीं विधायक की ओर से कथित तौर पर सड़क निर्माण को ग्राम पंचायत का काम बताया जाता है।
लोगों का सवाल है कि अगर सड़क, नाली और लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी उन्हें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ें, तो आखिर उनकी समस्या का जिम्मेदार कौन है?
चुनाव में हाथ जोड़कर वादे, बाद में समस्याएं जस की तस
कॉलोनीवासियों का कहना है कि चुनाव आते ही नेता और जनप्रतिनिधि विकास के वादे लेकर उनके बीच पहुंचते हैं। सड़क बनवाने, नाली बनवाने और रोशनी की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया जाता है। जनता विश्वास करके मतदान करती है, लेकिन चुनाव बीतने के बाद समस्याएं वहीं की वहीं रह जाती हैं।
लोगों में अब इस बात को लेकर नाराजगी है कि जब शहर को ‘स्मार्ट बरेली’ बनाने की बात कही जाती है, तो क्या गणेश धाम कॉलोनी जैसे इलाकों में सड़क, जल निकासी और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं भी स्मार्ट विकास का हिस्सा नहीं हैं?
‘पहले विकास, फिर वोट’—कॉलोनीवासियों का संदेश
गणेश धाम कॉलोनी के लोगों ने इस बार अपना रुख साफ कर दिया है। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन के भरोसे बात नहीं बनेगी। पहले सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट का काम दिखाई देना चाहिए, उसके बाद ही वोट की अपील की जाए।
कॉलोनीवासियों ने कहा कि यदि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगामी 2027 के चुनाव में वे अपने मताधिकार के जरिए जनप्रतिनिधियों को जवाब देने पर विचार करेंगे।
अब देखना यह है कि 15 वर्षों से विकास की बाट जोह रही गणेश धाम कॉलोनी की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक कब पहुंचती है और कब इन बदहाल रास्तों पर विकास की पहली पक्की सड़क दिखाई देती है।



