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शिकायतकर्ता की सहमति के बिना शिकायत बंद करने का आरोप, नोएडा पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

चौकी चेरी कंट्री इंचार्ज अंकित तरार पर शिकायत बंद करने का आरोप; पत्रकार सलोनी सिंह ने अभिजीत सिंह के खिलाफ दी थी शिकायत

नोएडा। पत्रकार सलोनी सिंह की ओर से अभिजीत सिंह के खिलाफ की गई शिकायत को लेकर अब नोएडा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सलोनी सिंह का आरोप है कि चौकी चेरी कंट्री के इंचार्ज अंकित तरार ने उनकी सहमति के बिना ही शिकायत को बंद (क्लोज) कर दिया।

सलोनी सिंह के मुताबिक, उन्होंने अभिजीत सिंह पर साइबर हैकिंग, डिजिटल ब्लैकमेलिंग और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए थाना बिसरख और चौकी चेरी कंट्री में लिखित तहरीर दी थी। मामले को लेकर IGRS और X के माध्यम से भी शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिस को मामले से संबंधित उपलब्ध साक्ष्य भी दिए गए।

बिना सहमति कैसे बंद हुई शिकायत?’

शिकायतकर्ता का सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उन्होंने अपनी शिकायत वापस नहीं ली और न ही उसे बंद करने की सहमति दी, तो चौकी चेरी कंट्री के इंचार्ज अंकित तरार ने शिकायत को किस आधार पर क्लोज कर दिया?

सलोनी सिंह का आरोप है कि शिकायत पर निष्पक्ष तरीके से जांच करने और FIR दर्ज करने के बजाय शिकायत को ही बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

FIR अभी तक दर्ज नहीं

सलोनी सिंह का दावा है कि शिकायत और कथित डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद अभिजीत सिंह के खिलाफ अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है। अब शिकायत को बिना शिकायतकर्ता की सहमति के बंद किए जाने का आरोप इस पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है।

IGRS और X पर भी उठाया था मामला

शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले को IGRS जनसुनवाई पोर्टल के साथ-साथ X पर भी पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया था। इसके बावजूद शिकायत के निस्तारण को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

सलोनी सिंह का कहना है कि यदि किसी शिकायतकर्ता की सहमति के बिना उसकी शिकायत बंद की जा सकती है, तो आम नागरिकों की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

फिलहाल शिकायत बंद किए जाने के आरोपों पर चौकी चेरी कंट्री इंचार्ज अंकित तरार और नोएडा पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और आधिकारिक रिकॉर्ड से ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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