उत्तर प्रदेश के रामपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने यूनिवर्सिटी परिसर में कथित अवैध निर्माण को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। प्राधिकरण ने 15 दिन का समय दिया है। यदि इस अवधि में निर्माण स्वयं नहीं हटाया गया, तो आरडीए बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करेगा।
रामपुर विकास प्राधिकरण के अनुसार जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में कुल 40 भवनों का निर्माण किया गया है। जांच में पाया गया कि इनमें से सिर्फ 2 भवनों के नक्शे स्वीकृत हैं, जबकि 38 भवन बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए गए। इन्हें अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर दिया गया है।
रामपुर के जिलाधिकारी एवं रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी जिस क्षेत्र में स्थित है, वह वर्ष 2024 से आरडीए के अधिकार क्षेत्र में आया है। इससे पहले यह क्षेत्र जिला पंचायत के अधीन था। रिकॉर्ड के अनुसार केवल दो भवनों के नक्शे जिला पंचायत से स्वीकृत कराए गए थे, जबकि बाकी भवनों के लिए कोई स्वीकृति नहीं ली गई।
डीएम ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि निर्माणकर्ताओं को नियमों और मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया की जानकारी थी, लेकिन अधिकांश भवनों का निर्माण आवश्यक अनुमति के बिना किया गया। 2024 में क्षेत्र आरडीए के अधीन आने के बाद भी शेष भवनों के नक्शे स्वीकृत कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
अब आरडीए ने आदेश जारी करते हुए 15 दिन का अंतिम समय दिया है। यदि इस अवधि में संबंधित पक्ष स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाता, तो विकास प्राधिकरण नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने यूनिवर्सिटी परिसर में कथित अवैध निर्माण को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। प्राधिकरण ने 15 दिन का समय दिया है। यदि इस अवधि में निर्माण स्वयं नहीं हटाया गया, तो आरडीए बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करेगा।
रामपुर विकास प्राधिकरण के अनुसार जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में कुल 40 भवनों का निर्माण किया गया है। जांच में पाया गया कि इनमें से सिर्फ 2 भवनों के नक्शे स्वीकृत हैं, जबकि 38 भवन बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए गए। इन्हें अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर दिया गया है।
रामपुर के जिलाधिकारी एवं रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी जिस क्षेत्र में स्थित है, वह वर्ष 2024 से आरडीए के अधिकार क्षेत्र में आया है। इससे पहले यह क्षेत्र जिला पंचायत के अधीन था। रिकॉर्ड के अनुसार केवल दो भवनों के नक्शे जिला पंचायत से स्वीकृत कराए गए थे, जबकि बाकी भवनों के लिए कोई स्वीकृति नहीं ली गई।
डीएम ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि निर्माणकर्ताओं को नियमों और मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया की जानकारी थी, लेकिन अधिकांश भवनों का निर्माण आवश्यक अनुमति के बिना किया गया। 2024 में क्षेत्र आरडीए के अधीन आने के बाद भी शेष भवनों के नक्शे स्वीकृत कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
अब आरडीए ने आदेश जारी करते हुए 15 दिन का अंतिम समय दिया है। यदि इस अवधि में संबंधित पक्ष स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाता, तो विकास प्राधिकरण नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।


