Homeउत्तर प्रदेशरानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण से सशक्त बन रहीं छात्राएं

रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण से सशक्त बन रहीं छात्राएं

कराटे के साथ आत्मविश्वास, अनुशासन और विपरीत परिस्थितियों से निपटने का दिया जा रहा प्रशिक्षण

बदायूं। आसफपुर/कौरेरा। छात्राओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा संचालित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत राजकीय हाई स्कूल आसफपुर कौरेरा में छात्राओं को कराटे और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण को लेकर छात्राओं में खासा उत्साह है और वे नियमित रूप से अभ्यास में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।

प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को कराटे की विभिन्न तकनीकों के साथ आत्मरक्षा के उपाय, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जिनमें उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए सजग और आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेना पड़े।

विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और उनके साहस के बारे में छात्राओं को जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में छात्राओं की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से संचालित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ छात्राओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना भी जरूरी है।

विद्यालय में चल रहे कार्यक्रम का जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) लालजी यादव सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी ली और छात्राओं को दिए जा रहे आत्मरक्षा प्रशिक्षण का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं को नियमित अभ्यास करने और आत्मरक्षा के गुरों को गंभीरता से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रशिक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शिहान बाबूराम सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में छात्राएं पढ़ाई के लिए घर से विद्यालय तक बस, ट्रेन और अन्य साधनों से आवागमन करती हैं। ऐसे में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है कि किसी भी असहज परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और समझदारी के साथ अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

उन्होंने कहा कि कराटे केवल आत्मरक्षा की कला नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, मजबूत मन और अनुशासित जीवन का माध्यम भी है। नियमित अभ्यास से शारीरिक सक्रियता बढ़ती है और आत्मविश्वास विकसित होता है। छात्राओं को नियमित व्यायाम के साथ संतुलित खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने कराटे की विभिन्न तकनीकों और शारीरिक अभ्यास का प्रदर्शन किया। छात्राओं में प्रशिक्षण को लेकर उत्साह और सीखने की ललक साफ दिखाई दी। विद्यालय में संचालित यह कार्यक्रम छात्राओं को सुरक्षित, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आ रहा है।

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