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बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड ने आरएलआरसी के साथ मिलकर जल गुणवत्ता जांच की शुरू की पहल

नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम, नाथ गंगा परियोजना से जुड़ा अभियान

बरेली, 2 सितंबर 2026। बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड ने नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। कैंटोनमेंट बोर्ड ने रोहिलखंड लेबोरेटरी एंड रिसर्च सेंटर (RLRC), बरेली के साथ साझेदारी कर कैंटोनमेंट क्षेत्र में जल की गुणवत्ता की वैज्ञानिक निगरानी एवं नियमित परीक्षण की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

इस पहल का उद्देश्य कैंटोनमेंट क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न जलस्रोतों और पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कर उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। यह अभियान ‘नाथ गंगा परियोजना’ के अंतर्गत नकटिया नदी की स्वच्छता, जल संरक्षण, जल गुणवत्ता परीक्षण एवं नदी के पुनर्जीवन के लिए चलाए जा रहे व्यापक पर्यावरणीय अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नौ महत्वपूर्ण स्थानों से लिए गए जल के नमूने

इसी क्रम में 2 सितंबर 2026 को आरएलआरसी की वैज्ञानिक एवं तकनीकी टीम ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कैंटोनमेंट क्षेत्र के नौ महत्वपूर्ण स्थानों से जल के नमूने एकत्र किए। इनमें—

ट्रेंचिंग ग्राउंड से भूजल

ट्रेंचिंग ग्राउंड के टैंक का पानी

थिरिया पुल के पास नकटिया नदी का जल

धोपा मंदिर के पीछे नकटिया नदी का जल

धोपा मंदिर के पास तालाब का पानी

कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय में CEO डॉ. तनु जैन के कार्यालय से नल का पानी

सदर क्षेत्र की ओवरहेड टैंक से पानी

CF आवास संख्या-70, सुरजीत, आरएन टैगोर जूनियर हाई स्कूल

CF आवास (SS), BI बाजार

से जल के नमूने लिए गए।

वैज्ञानिक जांच के बाद तैयार होगी आगे की कार्ययोजना

आरएलआरसी की प्रयोगशाला में इन सभी नमूनों का निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों के अनुसार भौतिक, रासायनिक एवं अन्य आवश्यक मानकों पर वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न जलस्रोतों की वर्तमान गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा।

रिपोर्ट से प्राप्त परिणामों के आधार पर यदि किसी क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता सामने आती है तो उसके अनुरूप सुधारात्मक उपाय, नियमित जल गुणवत्ता निगरानी तथा जलस्रोतों के संरक्षण के लिए आगे की कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी। इससे कैंटोनमेंट क्षेत्र में जल प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक और डेटा आधारित बनाने में मदद मिलेगी।

नकटिया नदी के पुनर्जीवन से जुड़ा व्यापक अभियान

कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण को केवल पेयजल तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे व्यापक पर्यावरण संरक्षण अभियान से जोड़ा गया है। नाथ गंगा परियोजना के तहत नकटिया नदी के पुनर्जीवन के साथ जल संरक्षण, प्रदूषण की रोकथाम, स्वच्छता, हरित क्षेत्र का विकास, वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और जनभागीदारी पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

कैंटोनमेंट बोर्ड का लक्ष्य नकटिया नदी को स्वच्छ, निर्मल और पर्यावरणीय रूप से स्वस्थ जलधारा के रूप में पुनर्जीवित करना है। ऐसे में वैज्ञानिक तरीके से किए जा रहे जल गुणवत्ता परीक्षण इस अभियान को परिणामोन्मुख बनाने के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं के लिए ठोस आंकड़े उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

स्वच्छ, हरित और स्वस्थ कैंटोनमेंट का लक्ष्य

बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ एक स्वच्छ, हरित, स्वस्थ एवं सतत कैंटोनमेंट का निर्माण करना है। जल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़कर बोर्ड द्वारा दीर्घकालिक और टिकाऊ व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

आरएलआरसी की ओर से डॉ. तनु जैन, CEO, बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड का इस महत्वपूर्ण पर्यावरणीय एवं जनहितकारी पहल में आरएलआरसी को सहभागी बनाने के लिए आभार व्यक्त किया गया। साथ ही आरएलआरसी ने जल गुणवत्ता परीक्षण एवं पर्यावरणीय निगरानी के इस अभियान में बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड को आवश्यक वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई।

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