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सनसनीखेज खुलासा: तरुण सिंह रावत की हत्या, प्रेमिका गीता और पति अनिल साहू गिरफ्तार
हल्द्वानी, उत्तराखंड: हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसमें 28 वर्षीय तरुण सिंह रावत की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में तरुण की शादीशुदा प्रेमिका गीता और उसके पति अनिल साहू को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह हत्या अवैध संबंधों और आर्थिक लेन-देन से जुड़े विवाद के चलते अंजाम दी गई। यह मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि हत्या की साजिश और उसका अंजाम फिल्मी कहानियों जैसा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तरुण सिंह रावत और गीता के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। तरुण, जो कि अविवाहित था, अपनी प्रेमिका गीता पर हर महीने हजारों रुपये खर्च करता था। बताया जाता है कि वह गीता को महंगे उपहार, नकदी और अन्य सुविधाएं प्रदान करता था। इसके बदले, तरुण गीता पर अपने पति अनिल साहू से तलाक लेकर उससे शादी करने का दबाव डाल रहा था। हालांकि, गीता अपने बसे-बसाए परिवार को तोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर तनाव रहता था।
पुलिस के अनुसार, तरुण ने हाल ही में गीता से अपने द्वारा खर्च किए गए पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए थे, जिससे गीता और अनिल दोनों नाराज थे। यह आर्थिक विवाद और तलाक का दबाव ही हत्या की वजह बना।
फिल्मी अंदाज में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस ने बताया कि बीती रात गीता ने तरुण को मौज-मस्ती के बहाने अपने घर बुलाया। तरुण, जो गीता के साथ समय बिताने के लिए उत्साहित था, बिना किसी शक के उनके घर पहुंच गया। रात को गीता के साथ समय बिताने के बाद तरुण उनके बेडरूम में ही सो गया। यही वह रात थी जो तरुण की जिंदगी की आखिरी रात साबित हुई।
जांच में सामने आया कि जब तरुण गहरी नींद में था, तब गीता और उसके पति अनिल साहू ने मिलकर उस पर हमला किया। दोनों ने तरुण के सिर पर भारी पत्थर से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद, दोनों ने फिल्म ‘दृश्यम’ की तर्ज पर शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उन्होंने शव को एक गड्ढे में दफनाने की योजना बनाई, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
हत्याकांड की सूचना मिलते ही बनभूलपुरा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। तरुण के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई FIR के आधार पर पुलिस ने गीता और अनिल साहू को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, और प्रारंभिक रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया है।
हल्द्वानी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बताया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसमें दोनों आरोपियों ने मिलकर साजिश रची। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस हत्याकांड में कोई तीसरा व्यक्ति शामिल था या नहीं। साथ ही, तरुण और गीता के बीच आर्थिक लेन-देन के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
तरुण सिंह रावत की हत्या ने बनभूलपुरा और आसपास के क्षेत्रों में सनसनी मचा दी है। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा में है, जहां लोग तरुण के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “मोहब्बत के नाम पर ऐसा धोखा और हत्या? गीता और अनिल को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। यह सिर्फ हत्या नहीं, भरोसे का कत्ल है।
पुलिस ने इस मामले में हत्या (IPC धारा 302) और साक्ष्य छिपाने (IPC धारा 201) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है, क्योंकि इस घटना ने स्थानीय समुदाय में तनाव पैदा कर दिया है।
यह हत्याकांड न केवल एक आपराधिक घटना है, बल्कि समाज में अवैध संबंधों, विश्वासघात और लालच जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाता है। तरुण सिंह रावत की कहानी उन युवाओं के लिए एक सबक है, जो भावनाओं में बहकर गलत रास्तों पर चल पड़ते हैं। साथ ही, यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों में विश्वास और ईमानदारी कितनी जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस मामले में अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। जांच पूरी होने तक इस हत्याकांड के और भी खुलासे होने की संभावना है।

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