डेढ़ वर्ष से फरार रियल एस्टेट कारोबारी राजेश मौर्य गिरफ्तार, थाना बारादरी पुलिस की बड़ी कामयाबी

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बरेली: थाना बारादरी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए डेढ़ वर्ष से फरार चल रहे रियल एस्टेट कारोबारी और श्री गंगा इन्फ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राजेश मौर्य को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त राजेश मौर्य, पुत्र रामदेव मौर्य, निवासी चन्द्रगुप्त पुरम कॉलोनी, पीलीभीत बाईपास रोड, थाना बारादरी, बरेली, के खिलाफ माननीय न्यायालय से कई गिरफ्तारी वारंट जारी थे। लंबे समय से फरारी काट रहे इस अभियुक्त को पुलिस ने कड़ी मेहनत, सर्विलांस और तकनीकी सहायता के जरिए 25 मई 2025 को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश कर दाखिला वारंट बनवाकर जेल भेजा जा रहा है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त के खिलाफ दिल्ली, मथुरा और अन्य जनपदों में भी कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

अभियुक्त का आपराधिक इतिहास

राजेश मौर्य के खिलाफ बरेली के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, श्री गंगा इन्फ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी चेक बाउंस के चार मामले धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दर्ज हैं। अभियुक्त का आपराधिक रिकॉर्ड निम्नलिखित है:
  1. मु0अ0सं0 979/2018: धारा 323/406/420/452/504/506 भादवि, थाना इज्जतनगर, बरेली।
  2. मु0अ0सं0 212/2023: धारा 420/406 भादवि, थाना कैंट, बरेली।
  3. मु0अ0सं0 610/2024: धारा 420/406/506 भादवि, थाना कोतवाली, बरेली।
  4. मु0अ0सं0 938/2018: धारा 353/506 भादवि, थाना कोतवाली, बरेली।
  5. मु0अ0सं0 883/2018: धारा 406/409/420/467/468/469/471 भादवि, थाना बारादरी, बरेली।
  6. मु0अ0सं0 999/2018: धारा 406/409/420/120बी भादवि, थाना बारादरी, बरेली।
  7. मु0अ0सं0 1000/2018: धारा 406/409/420/120बी भादवि, थाना बारादरी, बरेली।
  8. मु0अ0सं0 1009/2018: धारा 406/409/420/467/468/469/471 भादवि, थाना बारादरी, बरेली।
  9. केस नं0 101/2024: महमूद खां बनाम गंगा इन्फ्रासिटी प्रा0 लि0, धारा 138 एनआई एक्ट।
  10. केस नं0 109/2024: महमूद खां बनाम गंगा इन्फ्रासिटी प्रा0 लि0, धारा 138 एनआई एक्ट।
  11. केस नं0 239/2021: महमूद खां बनाम गंगा इन्फ्रासिटी प्रा0 लि0, धारा 138 एनआई एक्ट।
  12. केस नं0 900/2022: महमूद खां बनाम गंगा इन्फ्रासिटी प्रा0 लि0, धारा 138 एनआई एक्ट।

पूछताछ में खुलासा: धोखाधड़ी की स्कीम का पर्दाफाश

पूछताछ में राजेश मौर्य ने बताया कि वह मूल रूप से कुशीनगर का रहने वाला है। उनके पिता बरेली नगर निगम में ट्यूबवेल ऑपरेटर थे और 2015 में रिटायर होने के बाद बरेली में ही रहने लगे। राजेश ने 2018 में श्री गंगा इन्फ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम से रियल एस्टेट कंपनी शुरू की और इसका मुख्य कार्यालय ग्रीन पार्क कॉलोनी, रूहेलखंड चौकी क्षेत्र में स्थापित किया। कंपनी ने थाना भुता क्षेत्र में लगभग 200 बीघा जमीन पर भूखंड बिक्री के लिए एग्रीमेंट किया था।
कंपनी ने 1 वर्ग गज जमीन की कीमत 2500-3000 रुपये निर्धारित की थी। 100 वर्ग गज का भूखंड 3 लाख रुपये में बेचा जाता था, जिसमें 1.25 लाख रुपये सरकारी मालियत के तौर पर और बाकी 1.75 लाख रुपये नकद कंपनी लेती थी। कंपनी ने एक आकर्षक स्कीम शुरू की, जिसमें खरीदार को हर महीने भूखंड की कीमत का 1% (100 महीनों तक) या 5 साल बाद दोगुना पैसा लौटाने का वादा किया गया। इसके लिए खरीदारों को ब्लैंक चेक भी दिए गए। प्रचार के लिए कंपनी ने 200 छोटी-बड़ी शाखाएं खोलीं, जिनके फ्रेंचाइजी से 2 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी लेकर 18,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाता था, बशर्ते वे हर साल 25 लाख रुपये का निवेश लाएं।

धोखाधड़ी और चेक बाउंस का मामला

शुरुआत में स्कीम ठीक चली, लेकिन कंपनी अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई। निवेशकों को तय राशि का केवल 70% ही लौटाया गया, और कई लोगों को समय पर भुगतान नहीं हुआ। लगभग 200 लोगों का पैसा कंपनी में फंस गया। कंपनी द्वारा दिए गए चेक भी अपर्याप्त बैलेंस के कारण बाउंस हो गए। प्रभावित लोगों में अनिल शाहू, राजीव गुप्ता, संजीव गुप्ता जैसे कई निवेशक शामिल हैं। इसके बाद लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया, और कंपनी के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हुए। गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई, जिसमें राजेश मौर्य और उनका परिवार जेल गया। जमानत के बाद राजेश एनआई एक्ट के मामलों में वारंट से फरार चल रहा था।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम

गिरफ्तारी में निम्नलिखित पुलिस टीम का योगदान रहा:
  1. प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पाण्डेय, थाना बारादरी, बरेली।
  2. उपनिरीक्षक धर्मेंद्र विश्नोई, चौकी प्रभारी जोगी नवादा, थाना बारादरी, बरेली।
  3. हेड कांस्टेबल 688 राजू, थाना बारादरी, बरेली।
  4. कांस्टेबल 3286 पवन नागर, थाना बारादरी, बरेली।
थाना बारादरी पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अभियुक्त के खिलाफ दिल्ली, मथुरा और अन्य जनपदों में दर्ज मुकदमों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से धोखाधड़ी के शिकार लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
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