थाना प्रभारी को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा, एंटी करप्शन टीम ने घसीटते हुए ले गई अपने साथ

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मिर्जापुर। जिले में पुलिस विभाग के भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन टीम का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। बीते दो दिनों में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें एक और पुलिस अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। इस बार चील्ह थाना प्रभारी निरीक्षक शिव शंकर सिंह को एंटी करप्शन टीम ने घूस लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया और घसीटते हुए अपने साथ ले गई।

एंटी करप्शन टीम की छापेमारी से मचा हड़कंप

चील्ह थाना परिसर में यह कार्रवाई होते ही हड़कंप मच गया। जैसे ही टीम ने शिव शंकर सिंह को हिरासत में लिया, पूरे थाने में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए। सूत्रों के अनुसार, एंटी करप्शन टीम ने पहले से जाल बिछा रखा था। जब थाना प्रभारी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, तभी टीम ने मौके पर ही दबोच लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टीम ने थाना प्रभारी को घसीटते हुए सरकारी वाहन में बिठाया और सीधे अपने कार्यालय ले गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि थाना प्रभारी अपनी सफाई देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन टीम ने उनकी एक न सुनी।

जिले में भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई

यह घटना सिर्फ दो दिन पहले हुई जिगना थाना क्षेत्र की घटना के बाद सामने आई है। जिगना थाने में एक दरोगा को एंटी करप्शन टीम ने घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इस दरोगा का रिश्वत मांगते हुए वीडियो वायरल हो गया था, जिसके बाद एसपी ने उसे तत्काल निलंबित कर दिया था।

अब चील्ह थाने में हुई इस दूसरी कार्रवाई ने जिले में पुलिस विभाग की छवि पर एक और बड़ा दाग लगा दिया है। जनता में भी इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कैसे हुआ यह पूरा ऑपरेशन?

एंटी करप्शन टीम को सूचना मिली थी कि थाना प्रभारी शिव शंकर सिंह लंबे समय से अवैध वसूली कर रहे थे। लोगों से काम कराने के बदले में रिश्वत मांगना उनकी आदत बन चुकी थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने एक फर्जी ग्राहक को उनके पास भेजा।

प्लान के अनुसार:

  • फर्जी ग्राहक थाना प्रभारी से मिला और अपना काम निकालने के लिए उनसे बातचीत की।
  • थाना प्रभारी ने काम के बदले पैसे मांगे।
  • ग्राहक ने जैसे ही पैसे दिए, वहां पहले से तैनात एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों ने तुरंत दबिश दी।
  • शिव शंकर सिंह के हाथ में रिश्वत के पैसे देखकर टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
  • गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने खुद को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन टीम ने उनकी एक नहीं सुनी।

थाने में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों के चेहरे पर भी दिखा डर

थाना प्रभारी की गिरफ्तारी के बाद चील्ह थाने के बाकी पुलिसकर्मियों के चेहरे पर भी डर साफ देखा गया। ऐसा लग रहा था कि उन्हें भी यह आशंका थी कि अगला नंबर उनका हो सकता है।

जिले के आला अधिकारियों ने क्या कहा?

घटना के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसपी मिर्जापुर ने मीडिया से कहा:

“अगर कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम पुलिस विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

जनता में खुशी, लेकिन भरोसा अब भी कमजोर

इस कार्रवाई के बाद आम जनता में खुशी देखी जा रही है। लोग खुलकर एंटी करप्शन टीम की तारीफ कर रहे हैं। हालांकि, कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि जब तक पूरे पुलिस विभाग में पारदर्शिता नहीं आएगी, तब तक इस तरह की कार्रवाई से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा

सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में और भी पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है। एंटी करप्शन टीम जिले के अन्य थानों पर भी नजर बनाए हुए है। अगर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, तो उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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अब आगे क्या होगा?

  • एंटी करप्शन टीम ने थाना प्रभारी शिव शंकर सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
  • उनसे यह भी पूछा जा रहा है कि क्या इस भ्रष्टाचार में और भी पुलिसकर्मी शामिल थे?
  • अगर उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले, तो उन पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • उनकी संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच हो सकती है।

निष्कर्ष

इस पूरी घटना से साफ है कि अब भ्रष्टाचार करने वाले पुलिसकर्मी बेखौफ नहीं रह सकते। एंटी करप्शन टीम ने यह संदेश दे दिया है कि अगर कोई अधिकारी गलत करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

अब देखना यह है कि इस कार्रवाई का असर जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों पर कितना पड़ता है और क्या सच में मिर्जापुर पुलिस भ्रष्टाचार मुक्त हो पाएगी?

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