भव्य झांकी, कुश्ती प्रतियोगिता और भंडारे ने बढ़ाई मेले की रौनक, हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की दिखी मिसाल
बरेली। में कांधरपुर। जन्माष्टमी के बाद कांधरपुर में परंपरागत फूलडोल मेले का आयोजन बड़े उत्साह, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ किया गया। गांव के प्राचीन मढ़िया मंदिर से जुड़ा यह मेला क्षेत्र में लंबे समय से आयोजित होता आ रहा है। मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ दंगल, झांकी, स्वागत समारोह और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भी हिस्सा लिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार कांधरपुर का फूलडोल मेला कोई नई परंपरा नहीं है, बल्कि यह मेला वर्षों से गांव की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का हिस्सा रहा है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उनके पूर्वज इस मेले की परंपरा शुरू करके गए थे। उसी परंपरा को वर्तमान पीढ़ी भी आपसी सहयोग और मिलजुलकर आगे बढ़ा रही है। मेले के आयोजन को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
दंगल बना मेले का मुख्य आकर्षण
फूलडोल मेले में आयोजित विशाल दंगल लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। दंगल में दूर-दराज क्षेत्रों से आए पहलवानों ने हिस्सा लिया और अखाड़े में अपने कुश्ती कौशल और दमखम का प्रदर्शन किया। पहलवानों के बीच हुए मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मुकाबलों के दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर पहलवानों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में मंच पर मौजूद अतिथियों और गणमान्य लोगों ने कुश्ती खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। शानदार प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को उनकी जीत की खुशी में नकद पुरस्कार एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार मिलने पर पहलवानों और उनके समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा
कार्यक्रम का संचालन मदन कृष्ण ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक राघवेंद्र शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह तथा पूर्व सांसद की बेटी कीर्ति कश्यप सहित अन्य गणमान्य लोगों ने पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
अतिथियों ने मेले के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के पारंपरिक आयोजन ग्रामीण क्षेत्र की संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी अतिथियों का स्वागत किया।
पूरे गांव में निकली भव्य झांकी
मेले के अवसर पर कांधरपुर में भव्य झांकी निकाली गई। झांकी की शुरुआत गांव के प्राचीन मंदिर से हुई। इसके बाद झांकी गांव के विभिन्न मार्गों से होकर निकली। झांकी के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल हुए।
गांव के अलग-अलग स्थानों पर लोगों ने झांकी का फूल-मालाओं से स्वागत किया। झांकी के कांधरपुर मार्केट पहुंचने पर स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने भी स्वागत किया। इस दौरान पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी झांकी देखने के लिए बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल बना फूलडोल मेला
फूलडोल मेले के आयोजन को लेकर राजेश मौर्य ने बताया कि कांधरपुर का यह मेला हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल है। गांव के सभी लोग मिल-जुलकर इस मेले को मनाते हैं। किसी तरह की कोई दिक्कत या परेशानी नहीं आती। पूरे गांव में झांकी निकलती है और सभी लोग मिलकर उसका स्वागत करते हैं। मेले के दौरान पूरे गांव में आपसी भाईचारे और सौहार्द का माहौल बना रहता है।
उन्होंने कहा कि मेले में सभी समुदायों के लोग एक-दूसरे का सहयोग करते हैं और मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाते हैं। यही आपसी प्रेम और भाईचारा कांधरपुर की पहचान है।
मार्केट में हुआ स्वागत, लगाया गया भंडारा
झांकी के कांधरपुर मार्केट पहुंचने पर स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। श्रद्धालुओं और मेले में पहुंचे लोगों के लिए भंडारे एवं खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
मार्केट के लोगों ने मिलकर आयोजन में सहयोग किया। इससे मेले में आने वाले लोगों को भी काफी सुविधा मिली और पूरे बाजार में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।
यह लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में भगवान दास साहू, राजू उपाध्याय, सूरजपाल कश्यप, वीर बहादुर, प्रदीप शर्मा, बृजेश आर्य, भाजपा कार्यकर्ता भूदेव कश्यप, राजेश मौर्य, संतोष कश्यप, अरविंद कश्यप सहित उनकी पूरी टीम मौजूद रही।
वहीं कांधरपुर मार्केट में आयोजित स्वागत एवं भंडारे में कमलेश, सागर, नारायण दत्त शर्मा, बद्री प्रसाद, यशवीर, विनोद यादव, विक्की, रामसागर, राजेंद्र और राजकुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


