बरेली,नगर निगम की सरकारी भूमि पर कथित कब्जे ओर राजस्व अभिलेखों में भारी अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है । समाजसेवी महेश पांडे ने शासन को शिकायत भेजी थी जिसमें तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक ओर लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए है ,शिकायत पर संयुक्त सचिव ने संज्ञान लिया है और शासन ने रिपोर्ट मांगी है ।
नगर निगम के मेयर उमेश गौतम के ऊपर पहले से भी आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही है
महेश पांडेय ने 27 मार्च 2025 को सीबीआई डायरेक्टर को शिकायत दी थी। इस पर संज्ञान लेते हुए सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद ने अप्रैल माह में इसे ज्वाइंट डायरेक्टर (शिकायत प्रकोष्ठ) को मार्क कर दी। इसका डायरी नंबर 4574 है। इसके बाद से सीबीआई इस पर काम कर रही है
महेश पांडे ने 24 सितंबर 2025 को शासन को पत्र के माध्यम से सूचित किया था कि नगर निगम में तैनात तत्कालीन लेखपाल, तहसीलदार,ओर राजस्व निरीक्षक ने कुछ प्रभावशाली भूमाफियाओं के साथ मिलकर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की राह खोली ।
महेश पांडेय के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र के ग्राम उदयपुर खास के कई गाटा (भूमि खंड) — जिनमें गाटा संख्या 94बी से 119 और 448 शामिल हैं — वर्ष 1951 से लेकर 1989 तक सरकारी संपत्ति के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज थे।परंतु बाद में भूमाफियाओं द्वारा इन्हें हड़पने की कोशिशें की गईं और कथित रूप से नगर निगम और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से इन अभिलेखों में हेरफेर की गई
शासन ने पत्र को गंभीरता से लिया और संयुक्त सचिव ने महेश पांडे से सभी साक्ष्य और शपथपत्र उपलब्ध कराने को कहा है ताकि जांच की प्रक्रिया विधिवत रूप से आगे बढ़ाई जा सके ।

जहां एक ओर शिकायतकर्ता ने इसे भूमाफिया और अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ भ्रष्टाचार बताया है, वहीं शासन ने भी मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए साक्ष्य मांगकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच के घेरे में आएंगे नगर निगम और राजस्व अधिकारी ओर ये घोटाला नगर निगम के अबतक के सबसे बड़े राजस्व घोटाले के रूप में सामने आ सकता है

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