उत्तर प्रदेश के रामपुर में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 300 करोड़ का निवेश, 700 करोड़ के प्रस्तावों को मिली मंजूरी

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उत्तर प्रदेश के रामपुर में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 300 करोड़ का निवेश, 700 करोड़ के प्रस्तावों को मिली मंजूरी


राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में 52 प्रस्तावों को मिली हरी झंडी, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश को लेकर एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रदेश के रामपुर जनपद में गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखण्ड के उद्यमियों द्वारा लगभग 300 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह निवेश मुख्य रूप से मटर, गाजर, गोभी, पालक और मशरूम जैसी सब्जियों के प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए किया जा रहा है।

 

700 करोड़ के प्रस्तावों को मिली मंजूरी, मिलेगा 150 करोड़ का अनुदान

राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी (SLEC) की बैठक में कुल 700 करोड़ रुपये के खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से लगभग 150 करोड़ रुपये की राशि अनुदान स्वरूप दी जाएगी। बैठक की अध्यक्षता कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने की।

 

331 इकाइयों को मिल चुकी है स्वीकृति

बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि अब तक खाद्य प्रसंस्करण नीति 2023 के अंतर्गत 331 परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें रेडी टू ईट (62), सोलर पावर (58), दुग्ध प्रसंस्करण (14), फ्रोजेन फूड (20), फोर्टिफाइड राइस, मसाला, कैटल फीड, और अन्य क्षेत्रों से संबंधित प्रोजेक्ट शामिल हैं।

 

बरेली-रामपुर बन रहा फ्रोजेन फूड प्रोसेसिंग हब

रामपुर और बरेली जिलों को फ्रोजेन फूड प्रोसेसिंग का नया हब माना जा रहा है। इन क्षेत्रों में उत्तराखण्ड और राजस्थान के निवेशक भी रुचि दिखा रहे हैं और जमीन लीज पर लेकर इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। प्रत्येक यूनिट को औसतन 60,000 क्विंटल फल-सब्जियों की आवश्यकता होगी, जो स्थानीय किसानों से प्राप्त की जाएंगी।

 

बुन्देलखण्ड में भी बढ़ी निवेशकों की रुचि

बुन्देलखण्ड क्षेत्र खासतौर पर मटर उत्पादन में अग्रणी है, इसलिए यहां भी फ्रोजेन फूड और वेजिटेबल प्रसंस्करण इकाइयों के लिए निवेश प्रस्ताव आ रहे हैं। जालौन में कई निवेशक अपनी रुचि जाहिर कर चुके हैं।

 

नए प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

बैठक में कुल 54 प्रस्तावों को परीक्षण के लिए प्रस्तुत किया गया था, जिनमें से 52 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें शामिल हैं:

 

फ्रोजेन फूड – 20

चिप्स/नमकीन – 5

कैटल फीड – 4

ब्रेड/बेकरी – 2

दुग्ध प्रसंस्करण – 2

रिफर वैन – 3

सोलर पावर – 4

फ्रूट जूस – 3

 

स्टार्टअप्स (IVRI बरेली व अमेठी विश्वविद्यालय) – 2

अन्य परियोजनाएं – 7

 

स्थानीय किसानों को होगा लाभ

इन परियोजनाओं से न केवल प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे बल्कि स्थानीय किसानों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। औद्योगिक इकाइयों द्वारा किसानों से अनुबंधित खेती के जरिए फल-सब्जियों की आपूर्ति ली जाएगी।

 

डिप्टी सीएम ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं पर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उत्तर प्रदेश सरकार की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत प्रदेश में निवेश का माहौल लगातार बेहतर हो रहा है। देश-विदेश के निवेशकों की रुचि से यह स्पष्ट हो रहा है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है।

 

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