भदोही के बीएसए पर बी.एड. मार्कशीट फर्जीवाड़े का आरोप, नियुक्ति से लेकर प्रोन्नति तक सवालों के घेरे में

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लखनऊ/भदोही:उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद में तैनात जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) श्री मुकेन्द्र नारायण सिंह पर बी.एड. की फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी प्राप्त करने और वर्षों तक सेवा करने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को भेजी गई है, जिसमें उनकी शैक्षिक योग्यता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री मुकेन्द्र नारायण सिंह द्वारा तीन वर्षीय बी.एड. उपाधि गोरखपुर विश्वविद्यालय से प्राप्त करने का दावा किया गया था। उनके अनुसार उन्होंने 16 जनवरी 1991 को बी.एड. उत्तीर्ण किया था। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर उन्हें जनपद जौनपुर में असिस्टेंट टीचर पद पर नियुक्त किया गया था, जहाँ वे 25 अक्टूबर 2010 तक कार्यरत रहे।

 

लेकिन जांच में सामने आया कि उनकी बी.एड. की मार्कशीट फर्जी है। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर उन्हें वर्ष 2010 में प्राथमिक शिक्षक से वरिष्ठ लिपिक (सीनियर क्लर्क) पद पर पदोन्नति दी गई थी। बाद में, जब मामले की गहन जांच हुई, तो 26 अक्टूबर 2010 को उन्हें जौनपुर जनपद से मुक्त कर दिया गया।

 

आश्चर्य की बात यह है कि जिस मार्कशीट के आधार पर उन्हें नियुक्ति मिली थी, वह वर्ष 1987 की थी और अंकपत्र क्रमांक 18576 से जारी की गई थी। लेकिन जाँच में यह पाया गया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय के अभिलेखों में यह रोल नंबर और अंकपत्र क्रमांक मौजूद ही नहीं है। न ही कोई उपस्थिति पंजी में उनका नाम दर्शाया गया।

 

इसके बावजूद उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भ्रमित कर नियुक्ति से लेकर प्रोन्नति तक की पूरी प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा किया। यहां तक कि 2024 में उनकी सेवानिवृत्ति तय है, लेकिन आज तक जौनपुर के शिक्षा विभाग में उनके दस्तावेजों की सत्यता नहीं पाई गई है।

 

सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण की जांच अब उच्च स्तर पर चल रही है और शासन स्तर से कार्रवाई की संस्तुति की जा रही है। मामले को गंभीर मानते हुए शासन ने इस रिपोर्ट को साक्ष्य के साथ संलग्न कर आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू करने का संकेत दिया है।

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