लखनऊ: उत्तर प्रदेश में संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राज्य के 1.91 लाख संविदा कर्मियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें न्यूनतम ₹16,000 से ₹18,000 मासिक वेतन और ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा शामिल है। इसके साथ ही, सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए “आउटसोर्सिंग भर्ती निगम” बनाने की घोषणा की है।
✅ संविदा कर्मियों को न्यूनतम ₹16,000-₹18,000 वेतन मिलेगा।
✅ सरकार “आउटसोर्सिंग भर्ती निगम” बनाएगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
✅ संविदा कर्मियों को ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
✅ अब एजेंसियां वेतन में कटौती नहीं कर पाएंगी, सरकार खुद कमीशन देगी।
🔵 संविदा कर्मियों के लिए बड़े बदलाव
📌 1. न्यूनतम ₹16,000-₹18,000 वेतन
संविदा कर्मियों को अब न्यूनतम ₹16,000 से ₹18,000 मासिक वेतन मिलेगा। इससे पहले, कई संविदा कर्मचारी बेहद कम वेतन पर काम कर रहे थे, जिससे उनका जीवनयापन कठिन था। इस फैसले से उनके आर्थिक हालात में सुधार होगा और वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।
📌 2. भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव – “आउटसोर्सिंग भर्ती निगम”
अब संविदा कर्मियों की भर्ती सीधे निजी एजेंसियों के जरिए नहीं, बल्कि सरकार द्वारा बनाए गए “आउटसोर्सिंग भर्ती निगम” के माध्यम से होगी।
✅ सभी सेवा प्रदाता कंपनियों को इस निगम में पंजीकरण कराना होगा।
✅ विभागों की जरूरत के अनुसार कर्मियों की नियुक्ति निगम के माध्यम से होगी।
✅ निजी एजेंसियां वेतन से कटौती नहीं कर पाएंगी, सरकार खुद एजेंसियों को कमीशन देगी।
✅ भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों को पूरा वेतन मिलेगा।
📌 3. ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज – “मुख्यमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान कार्ड”
अब संविदा कर्मियों और उनके परिवारों को ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज मिलेगा।
✅ सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में यह सुविधा मिलेगी।
✅ हर संविदा कर्मी को “मुख्यमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान कार्ड” मिलेगा।
✅ बड़े इलाज, सर्जरी और गंभीर बीमारियों के लिए कोई खर्च नहीं देना होगा।
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🏛️ बजट 2025-26: गरीब, किसान, युवा और महिलाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट गरीब, किसान, युवा और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
✅ बजट का मुख्य उद्देश्य: समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाना।
✅ प्रधानमंत्री मोदी के “वंचित को वरीयता” विज़न को बढ़ावा मिलेगा।
✅ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर।
📊 उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से मजबूत हो रही है और सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखा है।
🔹 उत्तर प्रदेश का राजकोषीय घाटा GSDP का 2.97% है, जो RBI द्वारा तय 3.5% की सीमा से कम है।
🔹 नीति आयोग की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को “फ्रंट रनर” राज्य बताया गया है।
🔹 2018-19 से 2022-23 के बीच उत्तर प्रदेश के वित्तीय स्वास्थ्य में 8.9 अंकों का सुधार हुआ है।
🔹 राज्य की पूंजीगत व्यय दर 19.3% तक पहुंच चुकी है, जो देश के अन्य प्रमुख राज्यों से अधिक है।
📉 बेरोजगारी दर में गिरावट, रोजगार के बढ़े अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 8 सालों में प्रदेश में बेरोजगारी दर को नियंत्रित करने में सफलता मिली है।
✅ 8 सालों में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले।
✅ 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमीनी स्तर पर लागू हो चुके हैं।
✅ इस निवेश से 60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
🔹 संविदा कर्मियों के लिए यह घोषणाएं क्यों महत्वपूर्ण हैं?
✔️ आर्थिक सुरक्षा: न्यूनतम ₹16,000 से ₹18,000 वेतन से जीवनयापन आसान होगा।
✔️ भर्ती में पारदर्शिता: अब कोई एजेंसी वेतन में कटौती नहीं कर पाएगी।
✔️ स्वास्थ्य सुरक्षा: ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
✔️ रोजगार के अवसर: सरकार लगातार नई नौकरियों के लिए प्रयास कर रही है।
🔵 योगी सरकार के ये फैसले संविदा कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने में मददगार साबित होंगे। यह कदम उत्त
र प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को अधिक पारदर्शी और संगठित बनाने में सहायक होगा। ✅

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