दिल्ली। आज, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 का बजट लोकसभा में पेश किया, जिसे ‘विकसित भारत की ओर एक कदम’ के रूप में देखा जा रहा है। यह बजट युवाओं, महिलाओं, गरीबों, मध्यम वर्ग, किसानों, और उद्यमियों के लिए अनेक उपायों के साथ आया है। नीचे इस बजट के मुख्य बिंदु और उनका विस्तार दिया गया है:
महंगाई और टैक्स में राहत
इनकम टैक्स राहत: 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं, जो मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत है। नए टैक्स स्लैब के साथ, आयकर की दरें भी री-स्ट्रक्चर की गई हैं।
महंगाई पर नियंत्रण: वस्तुओं की कीमतों को कम करने के लिए विभिन्न उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया गया है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर में कटौती
व्यापारियों को बड़ी राहत: कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 7 रुपये की कमी, नई कीमत 1797 रुपये हो गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, और छोटे व्यवसायों को लाभ मिलेगा।
सस्ते हुए उत्पाद
चमड़ा और लेदर प्रोडक्ट्स: लेदर पर आयात शुल्क की छूट से, चमड़े के जैकेट, जूते, बेल्ट, और पर्स की कीमतें कम होंगी, जो फैशन और लेदर उद्योग को बढ़ावा देगी।
कपड़ा उद्योग: भारतीय कपड़ों, विशेषकर हैंडलूम उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में कमी, हैंडलूम कपड़े और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी:
मोबाइल फोन और बैटरी: मोबाइल फोन के उत्पादन और बैटरी के आयात में छूट से इनकी कीमतें कम होंगी।
LED टीवी और LCD: इनकी कीमतों में कमी से घर-घर में टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र:
कैंसर दवाएं: 36 कैंसर दवाओं की कीमतों में कमी।
मेडिकल उपकरण: इनकी कीमतों में भी कटौती, जो स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाएगी।
इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी): इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में कमी और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन।
सेस और टैरिफ: 82 प्रकार के उत्पादों पर सेस हटाया गया, जिससे इनकी कीमतें कम होंगी।
किसानों के लिए घोषणाएं
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): केसीसी की लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई, जो किसानों को खेती-बाड़ी में अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
कृषि विकास योजनाएं: ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं, जिसमें महिला किसानों के लिए उद्यमों का विकास और भूमिहीन परिवारों के लिए अवसर शामिल हैं।
अन्य उल्लेखनीय घोषणाएं
अनुसंधान और नवाचार: 20,000 करोड़ रुपये निजी क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए आवंटित किए गए।
एफडीआई में बढ़ोत्तरी: बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% की गई।
एमएसएमई और निर्यात: निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मिशन, एमएसएमई के लिए ऋण सुविधा, और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने के लिए कदम।
इस बजट के साथ, सरकार ने न केवल मौजूदा आर्थिक चुनौतियों को संबोधित किया है बल्कि भारत को वैश्विक पटल पर एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम उठाया है।
यें भी पढिए:बजट 2025: निर्मला सीतारमण का आठवां बजट प्रस्तुतीकरण

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