महाराष्ट्र में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) का खतरा: मुंबई और नागपुर में मामले आए सामने

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Threat of Human Metapneumovirus (HMPV) in Maharashtra: Cases reported in Mumbai and Nagpur.


महाराष्ट्र में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) ने दस्तक दे दी है। यह वायरस मुख्य रूप से बच्चों और बुजुर्गों को प्रभावित करता है। हाल ही में मुंबई के पवई स्थित हीरानंदानी अस्पताल और नागपुर में HMPV के मामले सामने आए हैं।

मुंबई का मामला

मुंबई के पवई इलाके के हीरानंदानी अस्पताल में एक छह महीने की बच्ची में HMPV की पुष्टि हुई। बच्ची को 1 जनवरी को गंभीर खांसी, सीने में जकड़न, और ऑक्सीजन स्तर 84 प्रतिशत तक गिरने के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बच्ची का इलाज किया और रैपिड पीसीआर टेस्ट के जरिए वायरस की पहचान की।

डॉक्टरों के मुताबिक, इस वायरस का कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है। बच्ची को ब्रोंकोडायलेटर्स जैसी दवाओं से लक्षणों का उपचार दिया गया। पांच दिनों के इलाज के बाद बच्ची को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

नागपुर में भी मिले दो संदिग्ध केस

नागपुर में 7 जनवरी को HMPV के दो संदिग्ध मामले सामने आए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मरीजों के सैंपल एम्स और पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV) को जांच के लिए भेजे गए हैं। दोनों मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हैं और उन्हें घर भेज दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

हालांकि, बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) के स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके बावजूद, उन्होंने इन्फ्लूएंजा और गंभीर श्वसन संक्रमण की निगरानी बढ़ा दी है।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस दशकों से मौजूद है। यह वायरस कोविड-19 जैसी महामारी का कारण बनने की संभावना नहीं रखता है, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों में इसके संक्रमण का खतरा अधिक है।

कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में भी मामले

महाराष्ट्र से पहले, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में भी HMPV के मामले दर्ज किए गए थे.डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाली जगहों से बचाना चाहिए और सामान्य स्वास्थ्य नियमों का पालन करना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा सलाह:

नियमित हाथ धोना।

संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना।

किसी भी तरह की श्वसन समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना। HMPV का संक्रमण गंभीर मामलों में फेफड़ों पर असर डाल सकता है, लेकिन समय पर इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

 

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